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कैंपियरगंज विधानसभा: फतेह बहादुर सिंह के इर्द-गिर्द घूमती रही है सियासत, यहां 2012 में हुआ था पहला चुनाव

Sat, 22 Jan 2022 02:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कैंपियरगंज विधायक फतेहबहादुर सिंह और उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र का इतिहास हो या पिछले दो चुनावों के नतीजे व आंकड़े, खंगालने पर इस क्षेत्र की राजनीति उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के बेटे फतेह बहादुर सिंह के इर्द-गिर्द ही घूमती है। फतेह बहादुर सिंह इसी सीट से भाजपा के विधायक हैं। इस सीट से भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस समेत किसी भी दल ने अभी अपने प्रत्याशी नहीं घोषित किए हैं। छह बार विधायक रह चुके, फतेहबहादुर इस सीट से तीसरी बार चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।  

जानकारी के मुताबिक, साल 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले विधानसभा सीटों का समीकरण बदल गया था। परिसीमन के बाद मानीराम विधानसभा सीट का अस्तित्व खत्म हो गया। मानीराम के साथ ही महराजगंज की पनियरा विधानसभा सीट के कुछ हिस्से को मिलाकर कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र का गठन किया गया। इस सीट पर पहला चुनाव साल 2012 में हुआ था। फतेह बहादुर सिंह ने नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीता था।
 
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विधायक फतेहबहादुर सिंह। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
साल 2017 का चुनाव फतेह बहादुर ने भाजपा के टिकट पर लड़ा। सपा व कांग्रेस ने समझौते के तहत संयुक्त रूप से अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा था, फिर भी सफलता नहीं मिल सकी। यह वही सीट थी, जहां 2012 के चुनाव में भाजपा चौथे नंबर पर थी। प्रत्याशी बदलते ही पार्टी चौथे से नंबर एक पर आ गई।

2017 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 59.5 फीसदी

पार्टी            कुल मत              फीसदी
भाजपा         91,636             42.64
सपा-कांग्रेस    58,782              27.35
बसपा          39,343             18.26
निषाद पार्टी     10,935             5.9
आरएलडी      7,265               3.38


32,854 वोटों के अंतर से मिली थी जीत

क्षेत्र में 3,64,225 मतदाता थे। इनमें से 2,16,710 वोट पड़े थे। सर्वाधिक वोट भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह को मिले थे। सपा व कांग्रेस की संयुक्त प्रत्याशी चिंता यादव दूसरे स्थान पर थीं। जीत का अंतर 32,854 वोटों का था।
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विधायक फतेहबहादुर सिंह। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

11 प्रत्याशियों की जब्त हुई थी जमानत

इस चुनाव में 1806 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) का इस्तेमाल किया था, जो कुल मतदान का .78 फीसदी था। चुनाव में 14 प्रत्याशी थे। तीन प्रत्याशी जमानत बचाने में कामयाब हुए थे। 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

2012 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 58.33 फीसदी

एनसीपी         71,906               36.63
सपा             62,948               32.07
बसपा           30,022               15.29
भाजपा          14,800                7.54


 

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

8,958 वोटों के अंतर से मिली थी जीत

क्षेत्र में 3,36,537 मतदाता थे। इनमें से 1,96,305 मतदाताओं ने वोट डाले थे। नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह को 71,906 वोट मिले थे। सपा की चिंता यादव को 62,948 वोट मिले थे। फतेह बहादुर को 8,958 वोटों के अंतर से जीत मिली थी।

कांग्रेस प्रत्याशी की जब्त हुई थी जमानत

चुनाव मैदान में 23 प्रत्याशी थे। कांग्रेस प्रत्याशी को 2,389 वोट मिले थे, जो कुल वोटिंग का 1.22 फीसदी था। कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हुई थी। 18 और प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी। इन सबको 2,000 से भी कम वोट मिले थे।

 
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चुनाव 2022 - फोटो : PTI

नेताओं ने क्या कहा

भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिन्हा ने कहा कि हर बूथ जीतने की रणनीति बनाई गई है। शक्ति केंद्र व मंडल स्तरीय संगठन एक-एक मतदाता के घर जा रहे हैं। केेंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाकर समर्थन मांग रहे हैं। इस बार 2017 से बड़ी जीत मिलेगी। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ बन चुका है।

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने कहा कि ग्राम व न्याय पंचायत स्तर पर संगठन मजबूती से काम रहा है। इस बार बड़ा बदलाव आएगा। कांग्रेस का सारा ध्यान महिला, युवा, गरीब व वंचितों के कल्याण पर है। प्रियंका गांधी की नीतियों को जनता पसंद कर रही है। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र की जनता कांग्रेस की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।

बसपा मुख्य सेक्टर प्रभारी सुरेश भारती ने कहा कि संगठन खामोशी से काम करता है। बहन मायावती का शासनकाल जनता ने देखा है। तब कानून का राज था। जनता बदलाव चाहती है। बसपा ही विकल्प बन सकती है। सपा व कांग्रेस के दावे खोखले रहते हैं। जनता की भलाई के मंत्र के साथ चुनाव मैदान में हैं। अच्छा नतीजा सामने आएगा।

सपा जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि कैंपियरगंज में सपा प्रत्याशी दमदारी से चुनाव लड़ते हैं। 2012 व 2017 के चुनाव में अच्छा वोट मिला था। इस बार जनता जनार्दन का आशीर्वाद मिलेगा। सपा जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान करेगी। इस बार मजबूत प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।


320 कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र एक नजर में...

  • 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदाता
  • कुल मतदाता- 3,81,577
  • पुरुष- 2,04,684
  • महिला- 1,76,857
  • थर्ड जेंडर-36
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