गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही मनीष की मौत हो चुकी थी। मनीष की मौत का कारण तलाशने में लगी स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इससे संबंधित कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं। मनीष को भर्ती कराने के लिए काटे गए पहले पर्चे में उसको अज्ञात और ब्रॉड डेड (डॉक्टरों की भाषा में मृत) बताया गया था। जबकि, कुछ ही देर में बनाए गए, दूसरे पर्चे में उसकी पहचान खोलकर उसे जिंदा बताते हुए अस्पताल में भर्ती किया गया।
एसआईटी ने दो और तीन अक्तूबर को घटनास्थल होटल कृष्णा पैलेस, मानसी अस्पताल, रामगढ़ताल थाना और बीआरडी मेडिकल कॉलेज से साक्ष्य जुटाए हैं। अब रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को सबसे अहम सुराग मेडिकल कॉलेज से मिले हैं। पता चला है कि देर रात 2:10 बजे ट्रॉमा सेंटर में मनीष को भर्ती कराने के लिए पहला पर्चा काटा गया था। पहले पर्चे में कारोबारी को अज्ञात बताया गया था।