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बसपा विधायक ने कृषि योग्य भूमि को बंधक रखकर लिया बैंक से ऋण, इस भाजपा नेता ने भेजा था सीबीआई को पत्र

Tue, 20 Oct 2020 02:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • 300 करोड़ रुपये के ओवर ड्राफ्ट लिमिट व 300 करोड़ की बैंक गारंटी का बैंक खाता भी एनपीए
  • भाजपा नेता राजेश त्रिपाठी ने साक्ष्यों के साथ सीबीआई निदेशक को भेजा था पत्र

 
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बाएं विनय शंकर तिवारी और दाएं राजेश त्रिपाठी। (फाइल फोटो) - फोटो : fb @Vinay shankar tiwari @rajesh tripathi
गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज को ऋण देने में नियम, मानक और कानून दरकिनार कर दिया गया। जिस भूमि की बाजार में कीमत कम है, उसे बंधक बनाकर 600 करोड़ का ऋण दे दिया गया। यह मामला भी सीबीआई निदेशक तक पहुंचा है। इस मामले में राष्ट्रीयकृत बैंकों के जिम्मेदारों पर भी गाज गिरनी तय है।   

 
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राजेश त्रिपाठी। फाइल फोटो - फोटो : fb @rajesh tripathi
बसपा सरकार में मंत्री रहे और अब भाजपा नेता राजेश त्रिपाठी ने 13 जुलाई 2020 को सीबीआई निदेशक को पत्र भेजा था। भाजपा नेता के मुताबिक बैंक ऑफ इंडिया की महानगर शाखा से गोरखपुर की संपत्ति पर ऋण दिया गया है। राजेश त्रिपाठी ने अमर उजाला को बताया कि मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज का पंजीकृत कार्यालय मकान नंबर बी-153 सेक्टर एक महानगर लखनऊ है। इसके निदेशक विनय शंकर तिवारी हैं। इस फर्म ने 300 करोड़ रुपये की ओवर ड्राफ्ट लिमिट व 300 करोड़ की बैंक गारंटी दी थी। व्यावसायिक ऋण के लिए कृषि योग्य भूमि बंधक रखी गई, जो गोरखपुर शहर से काफी दूर है। इस जमीन का भौतिक सत्यापन या मूल्यांकन नहीं किया गया। इसी का नतीजा रहा कि खाता क्रमांक 680430110000006 वर्ष 2014 में एनपीए घोषित कर दिया गया।
 
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बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी। फाइल फोटो - फोटो : fb @vinay shankar tiwari
बैंक खाता एनपीए हो गया, फिर भी बैंक अफसर नहीं चेते। बैंक खाते की प्रकृति को बदलकर कंपनी व उनके मालिकों को लाभ पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा। कंपनी के मालिकों को व्यक्तिगत ऋण दिया गया। इस प्रक्रिया में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की नियमावली का अनुपालन नहीं किया गया। सिबिल स्कोर की भी अनदेखी की गई। भाजपा नेता के मुताबिक ऋण के एवज में जिन निजी संपत्तियों को बंधक बनाया गया, उससे संबंधित दस्तावेजों पर ज्यादातर हस्ताक्षर फर्जी हैं। कूटरचित दस्तावेज भी लगाए गए हैं। बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी की ही एक दूसरी कंपनी मैसर्स कंदर्प कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को भी ऋण देकर भी बैंकों को नुकसान पहुंचाया गया है।

 

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राजेश त्रिपाठी। फाइल फोटो - फोटो : fb @rajesh tripathi
बसपा विधायक पर झूठा शपथ पत्र देने का आरोप
चिल्लूपार से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके राजेश त्रिपाठी ने बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी पर झूठा शपथपत्र देने का आरोप भी लगाया है। सीबीआई निदेशक को भेजे गए पत्र में भाजपा नेता ने कहा है कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज के निदेशक विनय शंकर तिवारी ने खुद व कंपनी किसी तरह की ऋण अदायगी से इनकार किया है। इसका शपथ पत्र भी दाखिल है। शपथ पत्र की प्रति भी सीबीआई निदेशक को भेजी गई है।  

 
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राजेश त्रिपाठी। फाइल फोटो - फोटो : fb @rajesh tripathi chillupar
न राजनीति से प्रेरित, न जाति से, पूरा मामला फ्राड का
चिल्लूपार से पूर्व मंत्री व भाजपा नेता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि गंगोत्री एंटरप्राईजेज सहित अनेक फर्जी कंपनियों पर सीबीआई की छापेमारी बैंक ऋण की वसूली मात्र नहीं है। यह पूर्वांचल का सबसे बड़ा 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला है। जांच होगी तो सब सामने आ जाएगा। इस मामले की शिकायत 2017 से 2020 के बीच कई बार सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा, आरबीआई, केंद्रीय सतर्कता आयोग, केंद्रीय वित्त मंत्रालय व बैंकिंग लोकपाल से की थी। रसूख की वजह से सब बचते चले आए। अब सीबीआई की छापेमारी हुई और मुकदमा दर्ज हुआ है। यह प्रकरण न तो राजनीति से प्रेरित है न ही कहीं से जातीय एंगल। यह सौ फीसदी देश की जनता की गाढ़ी कमाई डकारने का मामला है।
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