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मेडिकल एवं पैरामेडिकल एजुकेशन को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री बनने के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल और पैरामेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा मिल रहा है। वर्तमान में यहां एमबीबीएस की 150 सीटों पर पढ़ाई हो रही है, जिसे बढ़ाकर 250 तक ले जाने की कार्ययोजना तैयार हो रही है। बी-फार्मा में गत तीन वर्ष से तथा बीएससी नर्सिंग में गत वर्ष से पढ़ाई शुरू की जा चुकी है। पैरामेडिकल पाठ्यक्रम के संचालन हेतु 380 छात्रों के प्रवेश के लिए स्टेट मेडिकल फैकल्टी एवं शासन से अनुमति मिल गई है।
सुपर स्पेशियलिटी सेवा हुई शुरू
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेवा भी शुरू हो चुकी है। इनमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, सर्जिकल ऑकोलॉजी एवं यूरोलॉजी विभाग में मरीज देखे जा रहे हैं। आधुनिक सात मॉड्यूलर ओटी के द्वारा न्यूरो सर्जरी, कैंसर सर्जरी, स्पाइनल सर्जरी, कैथ लैब, पेसमेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी शुरू हो चुकी है। करीब 250 एंजियोग्राफी, 160 एंजियोप्लास्टी व 32 पेसमेकर लगाकर मरीजों की जानें बचाई जा चुकी हैं। बीआरडी की ओपीडी में प्रतिवर्ष लगभग सात लाख मरीजों को देखा जाता है, जिनमें से आईपीडी में 60 से 65 हजार मरीज प्रतिवर्ष भर्ती होते हैं।