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#LadengCoronaSe: इस लेडी डॉक्टर की कहानी जानकर आप भी करेंगे सलाम, कोविड वार्ड में संभाला है मोर्चा

Tue, 18 May 2021 07:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर (गोला)।
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जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
'सेवा ही असली धर्म है' इस कथन को गोरखपुर में बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी (26) बिल्कुल सही साबित कर रही हैं। वह फिलहाल मेडिकल कॉलेज में बने 200 बेड कोविड वार्ड में तैनात हैं। वह गोरखपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी शाइन स्टूडियो के नाम से प्रसिद्ध दुकान के प्रोपराइटर संत कुमार धर द्विवेदी की पुत्री एवं गोला ब्लॉक के पूर्व प्रमुख डॉ. विजयानंद तिवारी की नतिनी हैं, उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई मेयो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से की है। बता दें कि उन्होंने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अपनी शादी टाल दी। गत 30 अप्रैल को उनका विवाह तय था। लेकिन सामने आए कोरोना संकट के चलते उन्होंने मरीजों के प्रति अपने दायित्व को प्राथमिकता दी और कॉलेज के कोविड वार्ड में जाकर मोर्चा संभाल लिया। उनके इस कदम की लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...


 
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जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
डॉ. हर्षिता ने बताया कि जहां इस समय लोगों की खुशियां दांव पर लगी है, वहां एक डॉक्टर होने के नाते मुझे सबसे पहले अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए, जब तक कोरोना से पीड़ित लोग ठीक होकर अपने घर वापस नहीं जाते, मुझे भी किसी तरह की खुशियां मनाने का कोई अधिकार नहीं है।

 
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जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने कहा कि मेरा फर्ज बनता है कि मैं सेवा को ही अपना धर्म मानकर कोरोना पीड़ित लोगों का इलाज करूं, शादी फिर कभी हो सकती है लेकिन जिंदगी एक बार चली जाए तो दोबारा नहीं मिल सकती।

 

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जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
इनका मानना है कि हम डॉक्टर अगर अपनी खुशियां देखने में लग जाएंगे तो पीड़ित मरीजों की कौन परवाह करेगा? हमारा कार्य सेवा है जो हमें हमारे धर्म से जोड़ता है।

 
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि हम डॉक्टर अगर अपनी खुशियां देखने में लग जाएंगे तो पीड़ित मरीजों का इलाज कौन करेगा? फिर तो हमारी धरती के भगवान वाली छवि धूमिल होगी, जो मुझे अपने धर्म से जोड़ती है। डॉ. हर्षिता के निर्णय को इलाके के लोग खूब सराहना कर रहे हैं।
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