जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी।
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डॉ. हर्षिता ने बताया कि जहां इस समय लोगों की खुशियां दांव पर लगी है, वहां एक डॉक्टर होने के नाते मुझे सबसे पहले अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए, जब तक कोरोना से पीड़ित लोग ठीक होकर अपने घर वापस नहीं जाते, मुझे भी किसी तरह की खुशियां मनाने का कोई अधिकार नहीं है।