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कालाबाजारी: मरीज होम आइसोलेशन में, पर्चे पर मांग रहे रेमडेसिविर

Sun, 02 May 2021 10:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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रेमडेसिविर दवा - फोटो : social media
गोरखपुर के अस्पतालों में गंभीर कोरोना मरीजों के लिए जिला प्रशासन की ओर से भुगतान पर उपलब्ध कराए जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन, गलत तरीके से हासिल करने के मामले सामने आये हैं। जरूरतमंद बनकर कई ऐसे लोग भी रेमडेसिविर इंजेक्शन हासिल कर ले रहे हैं, जिनके मरीज होम आइसोलेशन में हैं। डॉक्टर की तरफ से या किसी अस्पताल की तरफ से रेमडेसिविर की जरूरत का पत्र लिखवाकर कुछ लोग यह इंजेक्शन हासिल कर ले रहे हैं।

 
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देश में रेमडेसिविर-ऑक्सीजन की कालाबाजारी - फोटो : Amar Ujala
इसका खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शनिवार को नौ संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में माफीनामा लिखवाकर उन्हें छोड़ा गया। 13 तो टोकन प्राप्त करने के बाद आए ही नहीं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर रविवार से अब सादे वर्दी में पुलिस आपदा कार्यालय के बाहर निगरानी करेगी और कोई संदिग्ध पाए जाने पर पूछताछ कर कार्रवाई करेगी।

 
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corona cases - फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, रोजाना सुबह अस्पताल और डॉक्टर के पर्चे के साथ आधार कार्ड जमा होने के बाद संक्रमित मरीजों के तीमारदारों को टोकन जारी किया जाता है। फिर उसी दिन दोपहर बाद तीन बजे से इंजेक्शन वितरित होता है। शनिवार को टोकन वितरण होने के बाद कुछ संदेह होने पर आपदा संयोजक गौतम गुप्ता ने विभाग के कर्मचारियों के जरिए रेमडेसिविर के लिए आए आवेदनों की जांच कराई।

 

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कोरोना - फोटो : pixabay
इस दौरान नौ ऐसे पर्चे मिले, जिसमें अस्पताल प्रबंधन ने ऐसे किसी मरीज के एडमिट होने से ही इनकार कर दिया। मोबाइल नंबर के जरिए पड़ताल आगे बढ़ी तो संबंधित मरीजों के होम आइसोलेशन में होने की पुष्टि हुई। इनमें कुछ की स्थिति भी सही थी। दोपहर बाद जब इन पर्चों से संबंधित लोग इंजेक्शन लेने पहुंचे तो कलेक्ट्रेट पुलिस चौकी प्रभारी के जरिए इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ हुई । जिसपर उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने उनके मरीजों के लिए इंजेक्शन जरूरी बताया था। बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

 
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corona - फोटो : अमर उजाला
आपदा संयोजक गौतम गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में भर्ती गंभीर कोरोना संक्रमितों के लिए ही प्रशासन की तरफ से रेमडेसिविर इंजेक्शन का वितरण कराया जा रहा है, ताकि उनका इलाज प्रभावित न हो। मगर, कुछ ऐसे भी मामले आ रहे हैं, जिनमें मरीज होम आइसोलेशन में है और उसके लिए भी डॉक्टर या अस्पताल के पर्चे पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग की जा रही है। शनिवार को ऐसे नौ मामले पकड़ में आए। 13 तो टोकन लेने के बाद आए ही नहीं। रविवार से अब सादी वर्दी में पुलिस निगरानी करेगी और संदिग्धों पर पूछताछ के बाद दुरुपयोग या कालाबाजारी का मामला सामने आने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी।


 
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