भाजपा सांसद रवि किशन ने नम आंखों से अपने पिता को अंतिम बिदाई दी। इस दौरान में काफी भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि यही हमारी दुनिया थे, आज वे साथ नहीं हैं। मेरा कोई गुरु नहीं था। न ही मैंने भगवान को देखा है। आध्यात्म से लेकर जीवन जीना पिता जी ने ही मुझे सिखाया।