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मिशन 2022: योगी सरकार ने दी विकास के साथ आध्यात्म को धार, ऐसे चल रही है विधानसभा चुनाव की तैयारी

Sat, 28 Aug 2021 08:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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यूपी चुनाव की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गोरखपुर में एक साथ दो विश्वविद्यालयों का शिलान्यास व लोकार्पण कराके योगी सरकार ने जहां आगामी विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ने की मंशा साफ की है, वहीं आध्यात्म से ज्ञान के एजेंडे को धार दी है। खास तबके के मतदाताओं को संदेश दिया और बताया कि भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास की राह पर चल रही है। इसी के साथ युवाओं को भी साधा है।

मिशन-2022 की तैयारियों में जुटी योगी सरकार ताबड़तोड़ विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण करा रही है। इसी कड़ी में  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को गोरखपुरवासियों को एक साथ दो विश्वविद्यालयों की सौगात दी। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। प्रदेश के इस पहले आयुष विश्वविद्यालय से राज्य के सभी आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता दी जाएगी।
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गोरखपुर दौरे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। - फोटो : अमर उजाला।
लिहाजा, शिलान्यास का संदेश पूरे प्रदेश में गया है। विश्वविद्यालय में शोध के साथ पठन-पाठन और इलाज भी होगा। इसका लाभ यूपी के साथ बिहार व नेपाल के लोग भी उठा सकेंगे। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी बढ़ेगा। शैक्षिक संस्थाओं व रोजगार के जरिए योगी सरकार ने युवाओं को भी साधा है। संदेश दिया गया कि गुणवत्ता परक पढ़ाई का बेहतर विकल्प दिया जा रहा है। इसका फायदा युवाओं को मिलेगा। वह एलोपैथिक के साथ होम्योपैथिक, आयुर्वेद व यूनानी के क्षेत्र में अपना भविष्य बेहतर तरीके से संवार सकेंगे।    

 
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कबीर स्थली, मगहर। - फोटो : अमर उजाला।
आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं नाम
यूपी, बिहार व नेपाल सहित देश के अलग-अलग राज्यों में गोरक्षपीठ का खास महत्व है। महायोगी गुरु गोरखनाथ पूजे जाते हैं। नेपाल से अब भी खिचड़ी आती है। इसे भगवान गोरखनाथ के समक्ष चढ़ाई जाती है। आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए ही आयुष विश्वविद्यालय का नाम महायोगी गुरु गोरखनाथ रखा गया है। महराणा प्रताप शिक्षा परिषद की देखरेख में खुलने वाले विश्वविद्यालय का नाम भी महायोगी गोरखनाथ रखा गया है।   
 
सितंबर में मगहर आ सकते हैं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सितंबर माह के दूसरे सप्ताह में संतकबीरनगर के मगहर आ सकते हैं। वह संत कबीर स्थली पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। गोरक्षपीठ, कबीर स्थली व मगहर के पास स्थित गुरुद्वारे का खास महत्व बताया जाता है।   

 

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महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
आसपास के जिलों को होगा लाभ
आयुष विश्वविद्यालय पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में बना है। लिहाजा, क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। पिपरी जिले का सीमावर्ती गांव है। इससे कुशीनगर और महाराजगंज जिलों की सीमा लगती है। इसी तरह महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में बना है। इसकी सीमा भी महाराजगंज से सटी है। जाहिर है कि दोनों विश्वविद्यालयों से आसपास के जिलों के युवाओं को भी लाभ मिलेगा। वह यहां आकर पढ़ाई कर सकेंगे।
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कुशीनगर एयरपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
 जल्द ही कुशीनगर एयरपोर्ट का लोकार्पण कर सकते हैं पीएम
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ही कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का भी लोकार्पण होगा। एयरपोर्ट बनकर तैयार है। लोकार्पण के साथ ही उड़ाने शुरू हो जाएंगी। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसी तरह पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे का शिलान्यास सिद्धार्थनगर से कराया जा सकता है। इसमें भी प्रधानमंत्री के आने की संभावना है।
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