पुरवा हवा ने वायु की गुणवत्ता खराब कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं रिहायशी इलाकों में वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर जा पहुंची है। पिछले कुछ दिनों से गीडा औद्योगिक क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार 200 के ऊपर बना हुआ है। अगले दो तीन दिन इससे राहत मिलने की संभावना भी नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वायु की गुणवत्ता के लिहाज से एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 तक स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।
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वायु प्रदूषण।
- फोटो : ANI
दरअसल जब भी पुरवा हवा चलती है तो उसमें नमी की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ऐसे में हवा को प्रदूषित करने वाले तत्व वायुमंडल के निचले स्तर पर ही हवा में घुले हुए रहते हैं। जबकि इसके उलट पछुवा हवा पूरी तरह से शुष्क रहती है और हवा को प्रदूषित करने वाले तत्व एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ट्रांसपोर्ट हो जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से न सिर्फ ऊपरी वायुमंडल में बल्कि निचले वायुमंडल में भी पुरवा चल रही है। इसकी वजह से हवा में नमी की मात्रा बढ़कर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है और वायु प्रदूषक तत्व हवा में तकरीबन एक ही जगह पर टिके रहते हैं।
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वायु प्रदूषण।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पुरवा हवा चल रही है। ऐसे में पाल्यूटेंट्स एक जगह से दूसरी जगह आसानी से नहीं जा पाते हैं। ऐसे में वायु की गुणवत्ता खराब हो जाती है। अगले दो से तीन दिन ऐसे ही स्थिति बने रहने की संभावना है।
धूप से बचाव करती हुईं युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
38 डिग्री तापमान में भी 41 डिग्री गर्मी का एहसास
पुरवा हवा चलने की वजह से 38 डिग्री तापमान के बावजूद 41 डिग्री गर्मी का एहसास हुआ। कैलाश पांडेय ने बताया कि पुरवा चलने की वजह से हवा में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। इस वजह से हीट इंडेक्स वाली स्थिति हो जाती है। बृहस्पतिवार को ऐसी ही स्थिति रही।