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अधिकारियों-ग्रामीणों में नोकझोंक:कोनी में सीलिंग की जमीन से कब्जा हटाने पर किसान भड़के,मगर फोर्स से भिड़े नहीं

Tue, 12 Sep 2023 10:35 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
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ग्रामीणों के जुटने पर लगा जाम - फोटो : अमर उजाला।
कुशीनगर फोरलेन पर जगदीशपुर के किनारे बसे कोनी गांव में पुलिस प्रशिक्षण स्कूल और पीएसी की महिला बटालियन खोलने के लिए प्रशासन ने भारी फोर्स की मौजूदगी में सोमवार को सीलिंग की जमीन को कब्जे में ले लिया। स्थानीय लोगों ने पहले तो विरोध की कोशिश की, अधिकारियों से उनकी नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली। वहीं विरोध कर रहे सपा के एक नेता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई में अधिग्रहित जमीनों पर पिलर लगाने के बाद पुलिस-प्रशासन वीरांगना झलकारी बाई पीएसी महिला बटालियन का बोर्ड भी लगा दिया।

सोमवार की सुबह करीब 10 बजे पिपराइच, झंगहा, चिलुआताल सहित आधा दर्जन थानों की फोर्स और करीब चार सौ की तादाद में पीएसी जवान और पीटीएस के रिक्रूट कोनी पहुंचे थे। गांव में एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक फोर्स लगा दी गई। करीब 10.32 बजे तहसीलदार विकास सिंह कानूनगो और लेखपालों संग पहुंचे।

 
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पैमाइस का विरोध करते किसान रामप्यार गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला।
इसकी जानकारी होने पर धीरे-धीरे करीब सौ ग्रामीण जुट गए। लोगों ने कार्रवाई का विरोध जताना शुरू कर दिया। कुछ देर तक माहौल गर्म रहा। अधिकारियों और स्थानीय लोगाें में नोकझोंक भी हुई लेकिन इसी बीच पुलिस के जवान आगे बढ़ने लगे तो गांव वाले नरम पड़ गए।

गांव के अर्जुन पांडेय, प्रेमचंद चौरसिया, रामप्यारे गुप्ता समेत अन्य ग्रामीणों ने तहसीलदार से हाईकोर्ट के अधिवक्ता से बात कराकर कार्रवाई रोकने की मांग की। ग्रामीणों ने हाईकोर्ट और कमिश्नर कोर्ट में चल रहे मुकदमे का हवाला दिया। लेकिन उनकी एक न सुनी गई। एक तरफ बात होती रही और दूसरी तरफ लेखपाल खेतों में पिलर लगवाते रहे।

 
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किसानों से बातचीत के दौरान तहसीलदार के छूट रहे थे पसीने - फोटो : अमर उजाला।
तहसीलदार ने बातों में उलझाया, लेखपालों ने पिलर लगवाया
कुसम्ही प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व में हुए विरोध के कारण अधिकारियों ने समझदारी दिखाई। गांव की महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। पुलिस की अलग-अलग टुकड़ियां गांव में गश्त करती रहीं। मौके पर जुटे पुरुषों को एक-एक करके हटाया। गिने-चुने लोगों को बातचीत के लिए तहसीलदार ने पिपराइच रोड पर बुला लिया। तहसीलदार ने लोगों को आश्वस्त किया कि अभी सिर्फ पिलर लगा रहे हैं। यदि कोई नया फैसला आएगा तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इधर लोग तहसीलदार की बातों में उलझ गए। उधर बड़ी ही तेजी के साथ पुलिस और पीएसी जवानों ने लेखपालों की मदद से 60 एकड़ जमीन पर पिलर लगा दी। कड़ी धूप होने के बावजूद साढ़े चार घंटे के भीतर ही कार्रवाई पूरी कर ली गई। हालांकि प्रशासन ने जिन जमीनों पर कब्जा किया है। उनमें धान की फसल खड़ी है। माना जा रहा है कि फसल कटने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू होगा।

 

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जुटी महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
60 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण कार्य, फसल कटने के बाद शुरू होगा काम
कुशीनगर हाईवे पर माड़ापार पुल के बाईं ओर पिपराइच रोड के किनारे कोनी गांव में किसानों की जमीनें हैं। इन जमीनों को वर्ष 2019 में सीलिंग में दर्ज कर दिया गया है। इस पर पुलिस प्रशिक्षण स्कूल और पीएसी की महिला बटालियन बनाने के लिए कुल 84 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। 30-30 एकड़ जमीन पर दोनों निर्माण कार्य होंगे। 26 जुलाई को पुलिस - प्रशासन की टीम जमीन पर कब्जा करने पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए टीम को लौटा दिया। तब इस मामले में किसानों के कागजात लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन अधिकारियों ने दिया। लेकिन इस मामले का कोई हल निकला। सोमवार को दोबारा भारी फोर्स के साथ तहसील विकास सिंह अगुवाई में प्रशासनिक टीम पहुंची।


 
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ग्रामीणों से बातचीत करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
दूर से देखते रहे तमाशा, नेताओं पर निकाली भड़ास
ग्रामीणों के विरोध को भांपते हुए इस बार पूरी तैयारी की गई थी। पुलिस बल के कारण लोग दूर से तमाशा देखते रहे। इस मामले में नेताओं की भूमिका को लेकर लोगों ने जमकर भड़ास निकाली। अधिकारियों के सामने खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि इस बार आएंगे वोट मांगने तो उनको लौटा दिया जाएगा। इस दौरान विरोध जता रहे सपा नेता रामसकल गुप्ता को हिरासत में लेकर पुलिस ने जगदीशपुर पुलिस चौकी पहुंचा दिया।

 
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गांव में अलग-अलग जगह पर बैठे दिखे पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला।
बोले ग्रामीण
यह मामला हाईकोर्ट प्रयागराज और कमिश्नर कोर्ट में लंबित है। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन डंडे के बल पर कब्जा कर रहा है। तहसीलदार कोई बात नहीं सुन रहे हैं। हमारी चार एकड़ से अधिक भूमि ले ली गई है। यहां की जमीन का कोई मुआवजा भी प्रशासन नहीं दे रहा है। -अर्जुन पांडेय, काश्तकार।

हमारे पास मात्र एक बीघा जमीन है। वह इसमें चली गई। पैर का ऑपरेशन हुआ है। चलने फिरने में असमर्थ हूं। दो बच्चे है। अब इस बात की चिंता है कि आगे चलकर उनका गुजारा कैसे होगा। कोई नेता भी हम लोगों की मदद नहीं कर रहे हैं। -रामप्यारे गुप्ता, काश्तकार।

प्रशासनिक अधिकारी जिस ब्रह्म ज्ञान सिंह की जमीन बताकर इसे खाली करा रहे हैं, उनके नाम से यह जमीन कभी दर्ज नहीं रही है। इसके बावजूद प्रशासन जबरिया ब्रह्मज्ञान सिंह की जमीन बताकर इसे सीलिंग में दिखाकर जबरन खाली करा रहा है। -प्रेम चंद चौरसिया, काश्तकार।

 
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पिलर के लिए जगह दिखाते दरोगा। - फोटो : अमर उजाला।
प्रशासन ने जोर जबरस्ती से कब्जा किया गया है। इस मामले में विरोध जारी रहेगा। हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है। इसके बाद भी प्रशासन कब्जा कर रहा है। इस मामले को लेकर हम लोग कोर्ट की अवमानना दायर करेंगे। -विजय सिंह, काश्तकार

सदर तहसीलदार विकास सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट का स्थगन आदेश सिर्फ 15 दिनों के लिए था। इस तिथि के बीतने के बाद सीलिंग की भूमि का चिह्नीकरण कराया गया है। आगे जैसे भी आदेश आएंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा।

 
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