प्रतीकात्मक तस्वीर।
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यह होता है धारा 188
ऐसा कोई आदेश, जो लोकसेवक द्वारा दिया गया हो, उसका उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। इस धारा का न्यायालय तभी संज्ञान लेती है, जब लोकसेवक लिखित परिवाद न्यायालय में दाखिल करता है। इस धारा के तहत दो तरह की सजा होती है। पहला अगर सरकारी अधिकारी के आदेशों का उल्लंघन करते हैं और इससे किसी शख्स को नुकसान पहुंचता है तो एक महीने की जेल या दो सौ रुपये जुर्माना, दूसरा अगर आदेश का उल्लंघन होने से मानव जीवन को खतरा होता है, तो छह महीने की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही सजा हो सकती है।