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लापरवाही: समय से मिल जाता प्लॉट तो गोरखपुर में रोज और उत्पादन होता 900 सिलिंडर ऑक्सीजन गैस

Tue, 20 Apr 2021 04:28 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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ऑक्सीजन सिलिंडर - फोटो : pixabay
अगर गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) प्रशासन समय से उद्यमी को भूखंड उपलब्ध करा दिया होता तो आज रोजाना 900 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर का और उत्पादन होता। आवंटन के 8 महीने के बाद भी गीडा प्रशासन उद्यमी को ऑक्सीजन गैस प्लांट लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सका है। उद्यमी लगातार इसके लिए विभाग के चक्कर लगा रहा है।
 
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oxygen - फोटो : अमर उजाला
गीडा के द्वारा सितंबर 2020 में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए गीडा के सेक्टर 13 और गीडा सेक्टर 15 में 68 भूखों का आवंटन किया गया था। इसमें गोरखपुर ऑक्सीजन एंड हेल्थकेयर को भी एक ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए प्लाट संख्या K-54 सेक्टर 13 में आवंटन हुआ था, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी अभी तक भूमि का कब्जा नहीं मिल पाया है।

 
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ऑक्सीजन सिलेंडर - फोटो : सोशल मीडिया
ऐसे में उद्यमी के द्वारा ऑक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं किया जा पा रहा है। दरअसल, गीडा प्रशासन की ओर से आवंटित भूमि पर मूलभूत आवश्यकताएं भी विकसित नहीं की जा सकी हैं।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गोरखपुर ऑक्सीजन एंड हेल्थ केयर के प्रोपराइटर मानस सिंह ने बताया कि प्लांट लगाने के लिए मुंबई की कंपनी को एडवांस में करीब साढे 13 लाख रुपये अक्तूबर 2020 को पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन जमीन नहीं मिलने की वजह से प्लांट लगाने में देरी हो रही है।

 
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ऑक्सीजन - फोटो : अमर उजाला
मानस ने बताया कि यदि गीडा या सरकार तुरंत भूमि उपलब्ध करवाती है तो 40 से 50 दिन के अंदर फर्म प्लांट चालू करके ऑक्सीजन उत्पादन शुरू कर सकती है। उनके लगने वाले प्लांट में प्रतिदिन 900 जंबो सिलेंडर और 1800 एंबुलेंस वगैरह में लगने वाले छोटे ऑक्सीजन गैस का उत्पादन की क्षमता है।
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