गोरखपुर गीता प्रेस।
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15 भाषाओं में होता है पुस्तकों का प्रकाशन
गीता प्रेस के प्रबंधन डॉ लालमणि तिवारी ने बताया कि गीताप्रेस से 15 भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन होता है। इनमें हिंदी, संस्कृत, बंगला, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड़, असमिया, उड़िया, उर्दू, तेलगू, मलयालम, पंजाबी, अंग्रेजी, नेपालीभाषाएं शामिल हैं।
करोड़ों में प्रकाशित हुई हैं ये पुस्तकें
- श्रीमद्भगवतगीता - 16 करोड़
- रामचरित मासन एवं तुलसी साहित्य - 11 करोड़ 50 लाख
- पुराण, उपनिषद् आदि ग्रंथ - दो करोड़ 75 लाख
- महिलाओं एवं बालकोपयोगी पुस्तकें - 11 करोड़ 10 लाख
- भक्त चरित्र एवं भजनमाला - 17 करोड़ 50 लाख
- कल्याण- 17 करोड़
- अन्य प्रकाशन - 14 करोड़