डॉ अशोक के घर फारसी में लिखी रामायण है।
- फोटो : अमर उजाला।
जहां राम-सीता का जिक्र वहां लाल स्याही का इस्तेमाल
रामायण में करीब 250 पन्ने हैं और इसे हाथ से लिखा गया है। जहां-जहां राम-सीता का जिक्र है वहां लाल स्याही और बाकी जगह पर काली स्याही का इस्तेमाल हुआ है। इसका कवर पृष्ठ करीब नष्ट हो चुका है, लेकिन उसके टुकड़ों को संजोकर रखा गया है।