कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज की पोस्ट कोविड ओपीडी में 10 नए संदिग्ध पहुंचे थे। इनमें से दो की हालत नाजुक है। दोनों को डॉक्टरों ने भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। इसके बाद से फिलहाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की संख्या कुल 10 तक पहुंच चुकी है। जानकारी के मुताबिक, जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 30 से अधिक मरीज मिल चुके हैं जबकि चार की लखनऊ में मौत भी हो चुकी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोस्ट कोविड वार्ड में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले 10 संदिग्ध मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनका इलाज नेत्र रोग विभाग के साथ ईएनटी के डॉक्टरों की टीम कर रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
बताया जा रहा है कि शुक्रवार तक भर्ती आठ मरीजों के आंखों तक संक्रमण पहुंच गया है। इसमें शनिवार को भर्ती एक मरीज का इलाज बीआरडी के ही कोविड आईसीयू में हुआ था।
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Black fungus
- फोटो : अमर उजाला
संक्रमित होने के बाद वह 28 अप्रैल को भर्ती हुआ था। इलाज के बाद वह 10 मई को डिस्चार्ज हो गया। अब उसके आंखों की रोशनी कम हो गई है। उसे धुंधला दिखाई दे रहा है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती 10 मरीजों में पांच गोरखपुर के शामिल हैं जबकि पांच अन्य जनपदों के हैं। इसके अलावा कुशीनगर के एक मरीज को ब्लैक फंगस का संदिग्ध मानकर केजीएमयू, लखनऊ इलाज के लिए रेफर किया गया है।
बीआरडी के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान ने बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए डॉक्टरों की पूरी टीम है। डॉक्टर टीम वर्क से काम कर रहे हैं। कमिश्नर ने आश्वासन दिया है कि दवाओं की कमी नहीं होगी। कुछ दवाएं मिली हैं। जरूरत हुई तो और दवाओं की मांग की जाएगी। फिलहाल मरीजों का इलाज चल रहा है।