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पायल है खास
पायल का इतिहास काफी पुराना है। हिंदू सभ्यता में पायल पहनना अमीरी की निशानी मानी जाती थी। माना जाता था कि जिसके पास भारी पायल है वो महिला अमीर है और पतली और हल्की पायल पहनी महिला गरीबी को दर्शाती थी। प्राचीन भारत की हम्पी की मूर्तियों को देखने से पता चलता है कि भारत में पायल का चलन काफी पुराना है। इन मू्र्तियों में पायल पहने महिला खड़ी है। पायल को कई नामों से जाना जाता है। पाटिलु, पायल, गोलुसु, साथ ही इसे नुपुर भी कहते हैं।