कनिका ढिल्लों
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‘फिर आई हसीन दिलरुबा’ की कहानी को अपने कलम से ढालने वाले कनिका ढिल्लों ने कहा कि वो साल 1988 में आई फिल्म ‘खून भरी मांग’ की बड़ी फैन रही हैं। वो हमेशा से ऐसा कुछ लिखना चाहती थीं, जो फिल्म के लिए एक सही श्रद्धांजलि जैसा हो। लेखिका ने आगे मुस्कुराते हुए कहा,”ट्रेलर में वह शॉट,जहां एक मगरमच्छ कलाकारों के नाव के बगल में आ जाता है, वो काफी व्यक्तिगत है।”