फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को अक्सर खुलकर रखते हुए देखे जाते हैं। वह कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुई अमानवीय घटना पर भी खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। निर्माता ने एएनआई से बातचीत में इस मामले पर खुलकर बात की और अपनी राय साझा की। बता दें कि विवेक इस मामले पर काफी मुखर होकर सामने आए हैं। वह विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पश्चिम बंगाल भी पहुंचे थे।
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने आलोचनात्मक रुख के लिए पहचाने जाने वाले विवेक अग्निहोत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मामले के बारे में अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा, 'मैं कल यहां था और अचानक मैंने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश देखा। कई छात्रा कह रहे थे कि जब दिल्ली में निर्भया कांड हुआ, तो पूरे देश से लोग वहां गए। लेकिन ऐसा क्यों है कि कोलकाता में कोई नहीं आ रहा है? मुझे लगा कि मुझे वहां जाना चाहिए। कल हमने पैदल यात्रा की और विरोध किया।'
फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री अपनी आगामी परियोजना 'दिल्ली फाइल्स’ के लिए बंगाल पर शोध कर रहे हैं। निर्माता ने कहा कि उनका बंगाल से जुड़ाव की वजह भी है। वह अपनी आगामी फिल्म के लिए पिछले चार-पांच वर्षों से शोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने देखा है कि महिलाओं को जो स्वतंत्रता और आजादी मिली है, वह बंगाल की धरती में लिखी हुई है।' इस दौरान उन्होंने बंगाल के कई महान लोगों के नाम भी गिनाए।
एक शानदार इतिहास होने के बावजूद भी विवेक ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून व्यवस्था की आलोचना करते हुए निराशा जताई। उन्होंने कहा, 'हम सभी कोलकाता में बैठे हैं, लेकिन मैंने बहुत सफर किया है। अपने अनुभव से, मैं बिना किसी शर्म या डर के कह सकता हूं कि यौन शोषण और महिलाओं के खिलाफ हिंसा सहित सभी आपराधिक गतिविधियां जिलों और गांवों में इन राजनीतिक दलों के कार्यालयों से संचालित होती हैं। यौन हिंसा समाज और परिवारों को हतोत्साहित करती है, और इसे वोट बैंक में बदलना यहां सबसे आसान और सुरक्षित तरीका माना जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, अन्य राज्यों में, राजनीतिक कारणों से चुनावी हिंसा और यौन हिंसा बंद हो गई है, लेकिन बंगाल में यह अभी भी जारी है। मुझे लगता है कि अब बदलाव का समय आ गया है। मेरी एकमात्र मांग है कि बंगाल की राजनीति की पूरी व्यवस्था बदलनी चाहिए, और यहां से सामाजिक-राजनीतिक और महिला सशक्तिकरण की क्रांति शुरू होनी चाहिए।’
एएनआई से बात करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही खराब थी और अब मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। अगर ऐसा नहीं होता तो मुख्यमंत्री खुद के खिलाफ विरोध क्यों करतीं? कुछ लोग कहते हैं कि वह सीबीआई के खिलाफ विरोध कर रही थीं। लेकिन सीबीआई किसके अधीन आती है? क्या यह इस देश का हिस्सा नहीं है? क्या हमें बंगाल के लिए अलग पासपोर्ट की आवश्यकता है?’
बातचीत में उन्होंने आगे कहा, ‘मैं कश्मीर या बंगाल में शूटिंग नहीं कर सकता। मैं यहां सुरक्षित महसूस नहीं करता। मैं इस बहुत विस्तार से नहीं कहना चाहता। वहीं, विवेक अग्निहोत्री ने साक्षात्कार के दौरान कहा, ‘मेरा सभी के लिए एक ही संदेश है कि यह बंगाल को फिर से महान बनाने का समय है।’ स्त्री की सफलता के बाद डिप्रेशन में चले गए थे 'जना', फिर 'हथोड़ा त्यागी' ने संभाला करियर