‘ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे’ इस डायलॉग को सुनते ही ‘मसान’ फिल्म का एक सांवला सा लड़का याद आता है। आज ये लड़का बॉलीवुड का ‘छावा’ बन चुका है और पूरी इंडस्ट्री में अपने अभिनय से दहाड़ लगा रहा है। आप समझ ही गए होंगे कि हम बात कर रहे हैं विक्की कौशल की। 2015 में आई ‘मसान’ से अब तक इन दस सालों में विक्की कौशल का दुख पूरी तरह से खत्म हो चुका है। अब विक्की कौशल की गिनती बॉलीवुड के उन उभरते सितारों में हो रही है, जिन्हें इंडस्ट्री का अगला सुपरस्टार माना जाता है। कभी वर्दी में सेना का जवान, कभी सरदार उधम सिंह, कभी सैम मानिक शॉ तो कभी छत्रपति संभाजी महाराज, अपने दस साल के करियर में विक्की कौशल ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं।
इन किरदारों के लिए विक्की कौशल ने गजब का ट्रांसफॉर्मेशन किया है। कभी किसी किरदार के लिए उन्होंने आर्मी की ट्रेनिंग ली है, तो कभी अपना वजन बढ़ाया और कम किया है। कभी खुद को किरदार में ढालने के लिए उन्होंने बनारस में श्मशान घाटों पर डोम के साथ वक्त बिताया, तो कभी युद्ध में लड़ने के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी सीखी। आज विक्की कौशल के 37वें जन्मदिन पर जानते हैं उनके कुछ प्रमुख किरदारों और उन किरदारों के लिए की गई विक्की कौशल की खास तैयारी के बारे में।