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Exclusive: 'महाभारत' के पूरे शूट के दौरान नहीं हुआ था एक भी हादसा, 'युधिष्ठिर' ने बताए किस्से

Thu, 16 Apr 2020 07:33 AM IST
Avinash Pal अविनाश सिंह पाल, अमर उजाला
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महाभारत का एक दृश्य - फोटो : सोशल मीडिया
दूरदर्शन  पर एक बार फिर रामायण और महाभारत की वजह से महौल काफी भक्तिमय हो गया है। ऐसे में एक तरफ जहां दर्शक इन टीवी शोज को काफी पसंद कर रहे हैं तो वहीं अमर उजाला भी अपने पाठकों के लिए इन शोज से जुड़े किस्से सामने ला रहा है। ऐसे में बीआर चोपड़ा की महाभारत में धर्मराज युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान ने अमर उजाला से बातचीत में कई किस्सों का खुलासा किया।
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गजेंद्र चौहान (युधिष्ठिर) - फोटो : सोशल मीडिया
गजेंद्र कहते हैं, 'महाभारत से बहुत प्यार था लोगों को, हमारे जयपुर के शूट के दौरान भीड़ को रोकने के लिए 400 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहते थे। वहीं मजे की बात है कि वो पुलिसवाले भी अपने परिवार के साथ शूटिंग देखते थे। सारा शूट एक दम शांतिपूर्वक शूट रहता था। ये बहुत बड़ी बात है कि महाभारत के पूरे शूट के दौरान एक भी घटना या हादसा नहीं हुआ। आप सोचिए की शूट में  रथ, हाथी , घोड़ा सहित कई हथियारों का इस्तेमाल हुआ। लेकिन बावजूद इसके किसी को खरोंच तक नहीं आई। हथियारों में गदा, तलवार, भाले और क्या क्या नहीं होता था।'
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gajendra chauhan as yudhisthir - फोटो : social media
जिंदगी में किरदार के प्रभाव पर गजेंद्र ने कहा, ' कोई भी किरदार जीवन पर हमेशा के लिए इफेक्ट नहीं करता है। क्योंकि वो सिर्फ एक किरदार है और हमें बाकी भी किरदार आगे निभाने हैं। वहीं शो का जो मूल था वो हमारे परिवार में पहले से था, हमारे परिवार में ही कई खूबिया थीं, जैसे झूठ नहीं बोलना, बीड़ी पान सिगरेट आदि का इस्तेमाल नहीं। ये सारी चीजें जन्मजात थीं परिवार में। वहीं मुझे लगता है कि झूठ न बोलें तो बेहतर है।'

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कर्ण दुर्योधन महाभारत
महाभारत को दोबारा बनाने के सवाल पर गजेंद्र ने कहा, 'देखिए बना तो सकते हैं लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत आएगी की लिखेगा कौन। डॉक्टर(डॉ राही मासूम रज़ा साहब जिन्होंने महाभारत लिखी थी)  साहब को कहां से लाएंगे। मुझे लगता है कि वो एक ऐसी टीम थी जो परमात्मा का कोई आदेश हुआ था जो सब कुछ अच्छा हुआ। जिसको जो किरदार मिले वो उसको जी गया। वहीं शूट में भी अपने आप सारी बातें जरूरत के मुताबिक होती गईं, जब शूट में धूप चाहिए थी तो धूप मिली और ठंडक चाहिए तो ठंडक।'
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राही मासूम रजा
महाभारत लिखने वाले डॉ राही मासूम रजा के बारे में बात करते हुए गजेंद्र ने कहा, ' राही साहब सेट पर कभी कभी ही आया करते थे। पंडित नरेंद्र शर्मा जी जो भी बोलते थे, उसको चोपड़ा साहब रिकॉर्ड कर लेते थे और उस रिकॉर्डिंग को सुनकर डॉक्टर साहब स्क्रीनप्ले बनाते थे और फिर डायलॉग्स लिखते थे। राही साहब का कहना था कि वो सुबह चार -पांच बजे उठकर महाभारत लिखते हैं। वहीं उनकी स्क्रिप्ट पर हमेशा लिखा होता कि डॉ राही मासूम रज़ा की मेज से। राही साहब की सबसे अच्छी बात थी कि वो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जैसा कुछ नहीं मानते थे। कभी कभी वो कहते थे कि मैं पंडित राही मासूम रजा हूं।मैंने हिंदू माइथोलॉजी पर पीएचडी की है।
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गजेंद्र चौहान - फोटो : social media
महाभारत लिखने वाले डॉ राही मासूम रजा को लेकर उस वक्त हुए एक विवाद पर गजेंद्र ने कहा, 'उस वक्त के डीजी गिल ने कहा था कि अगर एक मुस्लिम महाभारत न लिखे तो ठीक रहेगा। इस पर चोपड़ा साहब ने कहा दिया था कि अगर महाभारत बनी तो उसको राही साहब के अलावा कोई नहीं लिखेगा। वरना मैं ये नहीं बनाऊंगा। वहीं आप रामायण- महाभारत देखें तो हिंदू का जिक्र ही नहीं, मानवता ही धर्म है सबसे बड़ा। हाल ही में कुछ मुस्लिम महिलाएं मेरे से मिली थीं और कहा था आपने महाभारत में धर्मराज युधिष्ठिर  का किरदार निभाया था। आपके साथ तस्वीर खिंचानी है।

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