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Teej 2020: ‘संतोषी मां’ ने सुनाई हरियाली तीज की लव स्टोरी, मायके से लेकर ससुराल तक समझाया व्यवहार का महत्व

Thu, 23 Jul 2020 09:32 AM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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संतोषी मां - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान में विवाहित महिलाओं के बीच पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए प्रचलित हरियाली तीज व्रत को लेकर छोटे परदे के सितारे भी काफी उत्साहित हैं। ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं की लीड कलाकार ग्रेसी सिंह और तन्वी डोगरा ने इस व्रत के पौराणिक महत्व के बारे में भी खास बातें अमर उजाला के साथ साझा की हैं।
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संतोषी मां - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हरियाली तीज की मान्यता के बारे में बताते हुए ग्रेसी सिंह कहती हैं, ‘‘हरियाली तीज महिलाओं द्वारा अपने पतियों के लिए की जाने वाली प्रार्थनाओं का सबसे पावन रूप है। महिलाएं इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती हैं, जिन्हें प्रेम का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज की कहानी हरितालिका कथा में दी गई है। हरितालिका देवी पार्वती की भगवान शिव के प्रति उनके प्रेम और विश्वास की कहानी है। अपने इसी प्रेम की वजह से देवी पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न किया था और शादी करके उनकी जीवन संगिनी बनी।”
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ग्रेसी सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
ग्रेसी सिंह कहती हैं, “महिलाएं हरतालिका पूजा करती हैं और पूजा में हरतालिका की कहानी कहती हैं। यह प्रार्थना का सबसे शुद्ध रूप है, जो प्रेम के नाम पर की जाती है। इस हरियाली तीज पर मैं हर महिला को सुखमय विवाहित जीवन का आनंद और ढेर सारा प्यार एवं मां पार्वती का आशीर्वाद मिलने की कामना करती हूं।”

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तन्वी डोगरा 
वहीं, धारावाहिक संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं में ही स्वाति की भूमिका निभा रही तन्वी डोगरा कहती हैं, ‘‘हरियाली तीज पूरे भारत में शादीशुदा महिलाओं के लिए एक विशेष अवसर है। यह पर्व खासतौर से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड में मनाया जाता है। इस अवसर हर साल, महिलायें सूर्योदय के समय ही उठ जाती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। वे भगवान से अपने पति की लंबी उम्र, सेहत और सौभाग्य की कामना करती हैं। प्रार्थना करने के साथ ही महिलाएं मां पार्वती को बेलपत्र, फल और फूल भी अर्पित करती हैं। वे पूरे दिन उपवास रखती हैं और शाम को सादा शाकाहारी भोजन ग्रहण कर अपना व्रत तोड़ती हैं।”
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हरियाली तीज 2020
हरियाली तीज के सामाजिक महत्व को समझाते हुए तन्वी कहती हैं, “इस दिन तमाम महिलाएं अपने मायके भी जाती हैं और वहां अपने माता-पिता से आशीर्वाद के रूप में मिठाइयां, मेहंदी और खूबसूरत चूड़ियां पाती हैं। संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं की पूरी टीम की ओर से मैं सभी विवाहित महिलाओं को हरियाली तीज की शुभकामनायें देती हूं।”
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