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Sanjay Jog: किसान से रामायण के 'भरत' कैसे बन गए संजय जोग? जानें उनकी जिंदगी का जुड़ा यह दिलचस्प किस्सा

Sun, 27 Nov 2022 10:09 AM IST
पलक शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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संजय जोग - फोटो : Social media
अपने समय के मशहूर पौराणिक सीरियल 'रामायण' को लोग आज भी बड़े चाव से देखना पसंद करते हैं। इसको दर्शाने के तरीके से लेकर इसके हर किरदार ने लोगों के दिलों-दिमाग पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी थी। इन्हीं में से एक हैं रामानंद सागर की 'रामायण' में भरत का किरदार निभाने वाले संजय जोग। जहां राम के किरदार में जान डालने का श्रेय अरुण गोविल को दिया जाता है, वहीं भरत के किरदार को जीवंत करने का सारा श्रेय संजय जोग को दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संजय जोग अब इस दुनिया में नहीं हैं। आज यानी 27 नवंबर 1995 में उनका निधन हो गया था। उन्हें इस दुनिया को अलविदा कहे 27 साल हो चुके हैं। आज हम आपको उनके जीवन के बारे में कुछ बातें बताने जा रहे हैं।  
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भरत - फोटो : सोशल मीडिया
'भरत' का किरदार निभाने वाले अभिनेता संजय जोग का जन्म नागपुर में हुआ था। संजय का काफी समय पुणे में बीता था, लेकिन वह 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद नागपुर लौट गए थे। इसके बाद वह माया नगरी मुंबई पढ़ाई करने गए थे। ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते-करते संजय का अभिनय की तरफ झुकाव बढ़ गया था। एक्टिंग में अपनी रुचि देखते हुए संजय जोग ने फिल्माल्या स्टूडियो से एक्टिंग का कोर्स किया, जिसके बाद उन्हें मराठी फिल्म में लीड अभिनेता का रोल मिल गया था। मराठी सिनेमा में उनकी डेब्यू फिल्म 'सापला' बुरी तरह से फ्लॉप रही थी, जिसके बाद अभिनेता का मनोबल टूट गया। 
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भरत - फोटो : सोशल मीडिया
पहली ही फिल्म में दर्शकों से मिले खराब रिस्पॉन्स ने संजय के उत्साह को चकनाचूर कर दिया था। 'सापला' के फ्लॉप होने के बाद वह नागपुर लौट गए थे और वहां जाकर खेती-बाड़ी करने लगे थे। किसानी करने की राह पर चल पड़े संजय खेती के काम से ही फिर एक बार मुंबई गए, जहां उन्हें मराठी मल्टीस्टारर फिल्म 'जिद्द' का ऑफर मिला। इस फिल्म में काम करने के लिए हामी भरना संजय के करियर के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी, जिसकी बदौलत उनके करियर की गाड़ी दौड़ पड़ी। इसके बाद उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया।   
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भरत - फोटो : ट्विटर
संजय जोग हिंदी और मराठी दोनों फिल्मों में एक्टिव रहते थे। लेकिन कम ही लोग जानते थे कि वह गुजराती फिल्मों में भी काम किया करते थे। उन्होंने गुजराती फिल्म 'माया बाजार' में महाभारत के अभिमन्यु का किरदार निभाया था। उस फिल्म में उनके मेकअप मैन  गोपाल दादा थे, जिन्होंने रामानंद सागर की 'रामायण' में भी मेकअप किया था। सीरियल के लिए उस समय कास्टिंग चल रही थी और गोपाल दादा ने ही रामानंद सागर को संजय जोग का नाम सुझाया था। रामानंद सागर ने उन्हें पहली बार 'लक्ष्मण' का रोल ऑफर किया था। लेकिन बिजी शेड्यूल की वजह से संजय ने 'लक्ष्मण' का रोल करने से इंकार कर दिया था। रामानंद संजय को देखते ही उनमें छिपे हीरे को पहचान गए थे, इसलिए उन्होंने अभिनेता को 'भरत' का रोल ऑफर किया।
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भरत - फोटो : ट्विटर
संजय जोग ने अपने करियर में 50 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिसमें 30 से अधिक फिल्में मराठी भाषा में थीं। कुछ गुजराती और कुछ हिंदी की फिल्में। हिंदी सिनेमा में उन्होंने 'जिगरवाला' से डेब्यू किया। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों में देखा गया था।  रामायण खत्म होने के कुछ साल बाद 27 नवंबर 1995 को उनका निधन हो गया था।  संजय ने 40 की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी मौत का कारण लीवर फेल होना था। 
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