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रियलिटी के नाम पर Indian Idol में होता है ऐसा, ऑडिशन देने वाले ने बताया ग्लैमर की दुनिया का काला सच

Fri, 24 Aug 2018 02:28 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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इंडियन आइडल 10
टीवी पर आने वाले रियलिटी शो प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का दम भरते हैं। कहा जाता है जिन लोगों को एक मौके की तलाश है उनके लिए यही प्लेटफॉर्म है जहां से उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का मौका मिल सकता है। सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल में हिस्सा लेने पहुंचे एक शख्स ने ऐसे खुलासे किये हैं जिन्हें जानकर यकीन नहीं होगा कि ऑडीशन में इस तरह का अमानवीय व्यवहार भी हो सकता है।
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indian idol
साल 2012 में ऑडिशन दे चुके निशांत कौशिक नाम के एक शख्स ने एक के बाद एक ट्वीट कर शो के बारे में कई चौंकाने वाली बातें बताई हैं। निशांत ने लिखा कि 'माना जाता है कि यह शो टैलेंट को आगे बढ़ाने का काम करते हैं और सही प्लेटफॉर्म हैं लेकिन मेरा मानना है कि अपने सपनों को नष्ट करने का यह सबसे सही प्लेटफॉर्म है।'

 
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निशांत ने बताया कि 'मई 2012 में मुंबई में ऑडिशन आयोजित कराए गए थे। जहां मैं केवल मस्ती के लिए पहुंचा था। यहां पहुंचकर देखा करीब 2 किलोमीटर तक लंबी लाइनें लगी थीं। मैंने नोटिस किया कुछ लोगों में बहुत जोश था। वो अपने सपनों को पूरा करने के लिए यहां तक पहुंचे थे। कुछ लोग ऐसे भी थे जो अपनी मां के साथ थे तो कुछ ऐसे थे जो अकेले ही यात्रा करके यहां तक पहुंचे थे।'

 

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निशांत ने आगे लिखा कि 'मैं भी सुबह 7 बजे से लाइन में लग गया लेकिन कई लोग ऐसे भी थे जो सुबह 5 बजे से ही लाइन में लगे थे। यही नहीं कुछ तो ऐसे थे जो रात भर लाइनों में ही लगे थे। तब तक किसी ने नहीं बताया था कि यहां पहले आओ पहले पाओ जैसा कुछ भी नहीं है। घंटों इंतजार करने के बावजूद दोपहर करीब एक बजे हमारे लिए दरवाजे खोले गए।'


 
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इंडियन आइडल ऑडिशन - फोटो : amar ujala
'घंटों इंतजार करना था लेकिन ना तो वहां टॉयलेट की व्यवस्था थी और न ही खाने-पीने की। अगर आप लाइन छोड़कर जाते हैं तो आप अपनी जगह भी खो देंगे। तो क्या एक बजे के करीब हमारा इंतजार खत्म हो गया? नहीं, गलत! एक बजे तो हमें किसी झुंड की तरह स्कूल ग्राउंड के एक स्टेज की तरफ भेजा गया। थोड़ी देर में वहां पिछले साल का एक विनर श्रीराम आता है और स्पीकर पर बज रहे गानों पर केवल अपने होठों को हिलाता है।'




 
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रियलिटी शो इंडियन आइडल के टॉप 4 पहुंचे खुदाबख्श
'ये सब शाम 5 बजे तक चलता रहा। तभी मैंने नोटिस किया कि वहां इतनी भीड़ के लिए एक टैंक पानी और एक टॉयलेट लगाया गया था। जब मैंने क्रू से यह पूछा कि क्या हम खाने या पानी के लिए जा सकते हैं? तो क्रू ने कहा- आप अपने रिस्क पर जाइए क्योंकि ऑडिशन किसी भी वक्त शुरू हो सकते हैं। शाम 8 बजे तक ऑडिशन शुरू नहीं हुए और फिर हमें एक एक अन्य स्टेज के सामने चिल्लाने के लिए कहा गया। हमें चिल्लाने लिए कहा गया कि वी लव इंडियन आइडल।'

 
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इंडियन आइडल ऑडिशन - फोटो : amar ujala
निशांत ने आगे लिखा कि ' मैं तीन राउंड के बाद ऑडीशन से आधी रात को बाहर हो गया लेकिन मैं घर आकर खुश हूं। किसी भी कलाकार को अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए दोस्तों, परिवारवालों की मदद लेनी चाहिए बजाय इन रियलिटी शो के। इन रियलिटी शो को कोई हक नहीं है कि कलाकारों की ऐसी बेइज्जती करे। टीआरपी के भूखे इन शोज को टैलेंट से कोई मतलब नहीं होता है।' बता दें कि इस वक्त इंडियन आइडल का दसवां सीजन प्रसारित हो रहा है।

 
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