शगुफ्ता अली
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काम के प्रति रहीं समर्पित
शगुफ्ता अली अपने काम के प्रति हमेशा समर्पित रही हैं। कैंसर के इलाज के 17 दिन बाद ही शगुफ्ता अपने काम पर लौट आईं थीं। उन्होंने कहा, 'उस वक्त मेरे पास ढ़ेर सारा काम था और मुझे अपनी जिम्मेदारियों का पूरा एहसास था।' उन्होंने बताया कि उन्हें चोट भी लग गई थी। शगुफ्ता अली ने कहा, 'मेरा एक्सीडेंट हो गया था और मेरा पैर टूट गया था। जब मैं अपने पिता से मिलने के लिए जा रही थी तो उस दौरान मेरा एक्सीडेंट हो गया था और मेरी हड्डी दो भाग में बंट गई थी।' उन्होने बताया कि इस हादसे के बाद उन्हें स्टील रॉड की मदद लेनी पड़ी थी जोकि आज भी उनके पास हैं। शगुफ्ता अली ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के इस सफर में कई चुनौतियां देखी, लेकिन वो उनसे कभी नहीं डरीं।