तृषा कृष्णन, मंसूर अली खान
- फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय दंड संहिता की धारा के अनुसार जो कोई भी, दूरसंचार उपकरण के माध्यम से या इंटरनेट सहित किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से, किसी महिला को परेशान करने या मानसिक पीड़ा पहुंचाने के इरादे से अश्लील, भद्दा, कामुक, गंदा या अशोभनीय टिप्पणी करता है, तो उसे कम से कम छह महीने की अवधि के लिए कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा। इसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।