दिलीप कुमार-सुनील दत्त
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इंस्टाग्राम पोस्ट में सायना बानो ने लिखा है, 'दिलीप साहब और दत्त साहब अच्छे दोस्त थे। वे परिवार की तरह थे। हर वक्त दोनों एक-दूसरे के लिए खड़े रहते। जब भी किसी एक के सामने मुश्किल आती, तो दूसरा हरदम साथ निभाता। सुविधाजनक जिंदगी और आइकॉनिक स्टेटस के बावजूद दिलीप साहब और दत्त साहब ने फिल्म बिरादरी में अपने साथी सदस्यों के संघर्षों को कभी नजरअंदाज नहीं किया। इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे रहे हों या कोई दूसरी दिक्कतें, उन्होंने हमेशा डटकर सामना किया। वे दोनों हमेशा सबसे आगे रहते थे। आधी रात तक मिलकर काम करते थे। उनके समर्पण की कोई सीमा नहीं थी, फिर चाहें वे किसी समस्या पर सुबह तीन बजे और चार बजे समाधान निकालना हो'।