निधि सक्सेना निर्देशित फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन' का इस साल अक्तूबर में बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (बीआईएफएफ) के प्रतिष्ठित 29वें संस्करण में "ए विंडो ऑन एशियन सिनेमा" के तहत प्रीमियर होगा। यह बतौर निर्देशक निधि सक्सेना की पहली फिल्म है। निधि ने अपनी पहली फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन' के जरिए इसके पोस्ट-प्रोडक्शन श्रेणी में 2024 में एशियाई सिनेमा फंड का विशिष्ट सम्मान अर्जित किया।
विज्ञापन
1 of 5
फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन'
- फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो मुंबई
निधि सक्सेना निर्देशित फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन' का इस साल अक्तूबर में बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (बीआईएफएफ) के प्रतिष्ठित 29वें संस्करण में "ए विंडो ऑन एशियन सिनेमा" के तहत प्रीमियर होगा। यह बतौर निर्देशक निधि सक्सेना की पहली फिल्म है। निधि ने अपनी पहली फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन' के जरिए इसके पोस्ट-प्रोडक्शन श्रेणी में 2024 में एशियाई सिनेमा फंड का विशिष्ट सम्मान अर्जित किया।
विज्ञापन
2 of 5
फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन'
- फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो मुंबई
फिल्म में क्या है खास
नीला माधब पांडा, विमुक्ति जयसुंदरा और अजेंदर चावला द्वारा निर्मित 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन' फिल्म स्मृति और पहचान जैसे विषयों पर प्रकाश डालती है। यह एक मध्यम आयु वर्ग की महिला की कहानी है, जो अपने अतीत के भूतों से परेशान होकर पत्रों और फोन कॉल के माध्यम से अपने युवा स्वरुप तक पहुंचती है। कहानी में दिखाया गया है कि वह अपने पुश्तैनी घर में बुजुर्ग मां के साथ कैद है, जो एक अनुष्ठान के जरिए अपने जीवन की वर्तमान स्थिति से मुक्त होने की इच्छा रखते हैं।
विज्ञापन
3 of 5
फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन'
- फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो मुंबई
निर्देशक के तौर पर आगे बढ़ने का मौका मिला-निधि सक्सेना
निर्देशक निधि सक्सेना ने अपने पहले प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए कहा, “एशियाई सिनेमा फंड का सम्मान मिलना एक बड़ा सम्मान की बात है। यह भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए एक मील का पत्थर है। मेरे लिए यह फिल्म बेहद खास है क्योंकि मुझे इस फिल्म के जरिए एक निर्देशक के तौर पर आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।''
4 of 5
फिल्म 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन'
- फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो मुंबई
यह फिल्म मेरे लिए बहुत पर्सनल है-निधि सक्सेना
आगे निधि ने कहा, ''मैं बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 'सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन' के डेब्यू को लेकर बेहद उत्साहित हूं। यह फिल्म मेरे लिए बहुत पर्सनल है, जो मैं दुनिया को बताना चाहती हूं।'' निधि ने अपनी इस फिल्म की तुलना फ्रीडा की एक पेंटिंग से की। निधि ने कहा, '''द टू फ्रीडास' पेंटिंग, जिसमें दो फ्रीडा हाथ में हाथ डाले बैठे हुए हैं। मेरी फिल्म एक तरह से वैसी ही है।”