देश की दो सबसे बड़ी सिनेमाघर श्रृंखलाओं पीवीआर और आइनॉक्स का विलय होने के बाद यूं लग रहा था कि सिनेमा देखने वालों की न सिर्फ तादाद बढ़ेगी बल्कि इस नई सिनेश्रृंखला का कारोबार भी दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की करेगा। लेकिन, कंपनी अब सवा सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्जे में हैं। करीब डेढ़ अरब आबादी वाले देश में केवल 15 करोड़ टिकटें इस सिनेश्रृंखला की बीते पूरे वित्तीय वर्ष में बिकी हैं।