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Taapsee Pannu: प्यार के पागलपन में यकीन नहीं करतीं 'हसीन दिलरुबा', बोलीं- ये सारी चीजें पिक्चर में ही ठीक है

Mon, 29 Jul 2024 11:23 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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तापसी पन्नू - फोटो : इंस्टाग्राम @taapsee
'हसीन दिलरुबा' के रिलीज होने के तीन साल बाद, तापसी पन्नू और विक्रांत मैसी फिल्म के सीक्वल 'फिर आई हसीन दिलरुबा' के साथ वापस आ गए हैं। यह फिल्म 9 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर अपने प्रीमियर के लिए तैयार है। पहली फिल्म में अपनी शादीशुदा जिंदगी की उलझनों से बचने के लिए एक योजना बनाने एक छोटे शहर की लड़की रानी के किरदार से तापसी ने खूब ध्यान खींचा। इसी के साथ, 'फिर आई हसीन दिलरुबा' के ट्रेलर में भी रानी कहती नजर आती हैं, 'वो प्यार ही क्या जो पागलपन से ना गुजरे'।
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तापसी पन्नू - फोटो : इंस्टाग्राम @ taapsee
न्यूज18 शोशा के साथ एक खास बातचीत में तापसी ने बताया कि उन्हें प्यार के पागलपन में यकीन नहीं है। इस साल मार्च में अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड बैडमिंटन खिलाड़ी मैथियास बो से शादी करने वाली तापसी ने प्यार के बारे में अपनी धारणा के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "प्यार मतलब पागलपन नहीं होता। प्यार शांत और शांतिपूर्ण होना चाहिए। ये पढ़ने और देखने में मजेदार चीजें हैं, लेकिन असल जिंदगी में ऐसा नहीं होना चाहिए।"
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तापसी पन्नू - फोटो : इंस्टाग्राम @taapsee
तापसी ने कहा, "मैं प्यार और अपनी निजी जिंदगी में किसी भी तरह का पागलपन नहीं चाहती। ये सब पिक्चर में ही ठीक है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि यह लोगों के साथ नहीं होता? ऐसा होता है। बस इतना है कि उनकी प्रोफेशनल लाइफ हमारी तरह पागलपन से भरा हुआ नहीं है। शायद यही वजह है ऐसे रिश्तों में उत्साह मिलता है।"

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तापसी पन्नू - फोटो : इंस्टाग्राम@taapsee
बता दें कि फिर आई हसीन दिलरुबा की रिलीज के बाद इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया। एक दर्शक वर्ग, जो फिल्म के नए कंटेंट के बारे में उत्साहित था और दूसरे जो निर्माताओं पर घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी का महिमामंडन करने का आरोप लगा रहे थे। तापसी ने इन आरोपों पर भी सफाई देते हुए कहा कि उनका किरदार अल्फा नहीं है।
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तापसी पन्नू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
तापसी ने कहा, "क्या लोग सोचती है कि उनका किरदार एक अल्फा है? सिर्फ इसलिए कि आपको लगता है कि फिल्म में मेरा किरदार टॉक्सिक है? 'अल्फा' की परिभाषा थोड़ी अलग होती जा रही है। लोगों ने इस शब्द के साथ किसी तरह का महिमामंडन जोड़ना शुरू कर दिया है। मैंने 'रानी' को अल्फा के रूप में नहीं देखा है।"

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