टेनेट
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क्रिस्टोफर नोलन का सिनेमा एक अलग दुनिया का सिनेमा है। यहां आपको सिनेमा की समझ और बदलती दुनिया की उससे बेहतर समझ होना जरूरी है। यहां दिमाग साथ में लेकर भी आना होता है और उसे लगातार एक्टिव मोड पर रखना भी होता है। अगर आपने क्रिस्टोफर नोलन की ‘इंटरस्टेलर’, ‘इन्सेप्शन’ या फिर ‘मेमेंटो’ जैसी फिल्में देखी हैं तो आपको समझ आएगा कि दिमाग को एक्टिव मोड में रखकर सिनेमा देखने का अनुभव क्या होता है। ये मनोरंजन का एक ऐसा अनुभव है जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है, बताया या लिखा नहीं जा सकता है, ठीक वैसे ही जैसे फिल्म ‘टेनेट’ के किरदार कहते हैं, ‘डोंट ट्राई टू अंडरस्टैंड इट। फील इट!!’ तो इस मामले में ‘टेनेट’ साल 2020 की विदाई का सबसे सही सिनेमा है, जाइए अंग्रेजी रिव्यूज के चक्कर में मत पड़िए, फील करिए।