फिल्म- सफर
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
तमाम हिंदी फिल्मों की प्रेरणा
अशोक कुमार, शर्मिला टैगोर, राजेश खन्ना, फिरोज खान, आई एस जौहर, अरुणा ईरानी, नादिरा के साथ तमाम चर्चित सहायक कलाकारों को लेकर बनी फिल्म ‘सफर’ का असली हीरो इसकी कहानी ही है। आशुतोष मुखर्जी की लिखी कहानी पर असित सेन ने ‘चलाचल’ के लिए जो पटकथा लिखी थी, उसी में थोड़ा फेरबदल करके उन्होंने इसे फिल्म ‘सफर’ के लिए भी प्रयोग कर लिया। हिंदी में इस फिल्म के संवाद लिखे थे इंदर राज आनंद ने। फिल्म की कहानी वैसे ही शुरू होती है जैसे बाद में सलीम जावेद ने अपनी फिल्म ‘दीवार’ की कहानी शुरू की। एक मौत के जिक्र से शुरू हुई कहानी का फ्लैशबैक ‘सफर’ की कहानी को उधर भी लेकर जाता है जिधर से होकर फिल्म ‘चांदनी’ के हीरो का सफर गुजरता है। फिल्म ‘सफर’ में ऑपरेशन थिएटर में जिंदगी और मौत से लड़ती एक जिंदगी की कहानी में प्रेम घुलता है मेडिकल कॉलेज में।
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