Movie Review: लाहौर कॉन्फीडेंशियल
कलाकार: ऋचा चड्ढा, करिश्मा तन्ना, अरुणोदय सिंह, खालिद सिद्दीकी, निकहत खान आदि।
निर्देशक: कुणाल कोहली
ओटीटी: जी5
रेटिंग: **
छोटे परदे के लिए ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर की फिल्म ‘आंखें’ अगर आपने देखी हैं तो ये अंदाजा रहेगा कि हिंदी मनोरंजन जगत में जासूसी कहानियां बनाने का इतिहास कितना पुराना है। ‘आंखें’ से साल भर पहले ही रविकांत नगाइच ने जीतेंद्र को लेकर ‘फर्ज’ बनाई थी। उसके बाद तो जासूसी फिल्मों की लंबी लिस्ट हैं, जिसमें एक जासूस गन मास्टर जी9 भी रहा है। मिथुन चक्रवर्ती को रातोंरात सुपरस्टार बना देने वाला ये किरदार फिल्म ‘सुरक्षा’ से है। निर्देशक यहां भी रविकांत नगाइच ही। इन निर्देशकों का जिक्र यहां मैं इसलिए कर रहा हूं क्योंकि निर्देशक कुणाल कोहली ने भी जासूसी जैसी फिल्म ‘फना’ से शोहरत का सबसे ऊंचा मुकाम पाया था और अब एक जासूसी फिल्म ‘लाहौर कॉन्फीडेंशियल’ से वह अपने करियर के सबसे निचले बिंदु पर आ गए हैं। चूंकि ये फिल्म कुणाल कोहली के नाम पर ही लोग देख रहे हैं इसलिए बट्टा भी सबसे ज्यादा उनके नाम को ही लग रहा है।