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गली बॉय ट्रेलर का डिजिटल रिव्यू: झोपड़पट्टियों में खुद्दारी की खोज की दमदार झलक

Wed, 09 Jan 2019 04:14 PM IST
विजय जैन एंटरटेनमेंट डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम
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bollywood - फोटो : self
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अपने हनीमून से लौटते ही सिनेमा के वीर रणवीर सिंह नकाब लगाकर सिनेमाघरों में घूमे तो दरअसल वह उनकी अगली फिल्म गली बॉय की एक झलक थी, ये अब फिल्म का ट्रेलर देखकर जगजाहिर हुआ है। रणवीर सिंह के करियर की असली मजबूती इस बात से आती है कि परदे पर वह खुद को दोहराते नहीं हैं।
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उनकी इस हर बार की नई अदाकारी को इस बार साथ मिला है आलिया भट्ट का जो हाईवे, उड़ता पंजाब और राजी जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा की टॉप 3 हीरोइन्स में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं।अपने हनीमून से लौटते ही सिनेमा के वीर रणवीर सिंह नकाब लगाकर सिनेमाघरों में घूमे तो दरअसल वह उनकी अगली फिल्म गली बॉय की एक झलक थी, ये अब फिल्म का ट्रेलर देखकर जगजाहिर हुआ है।

रणवीर सिंह के करियर की असली मजबूती इस बात से आती है कि परदे पर वह खुद को दोहराते नहीं हैं। और, उनकी इस हर बार की नई अदाकारी को इस बार साथ मिला है आलिया भट्ट का जो हाईवे, उड़ता पंजाब और राजी जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा की टॉप 3 हीरोइन्स में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं।
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हिंदी सिनेमा में शाहरुख-आमिर-सलमान की तिकड़ी की विदाई का वक्त जैसे जैसे पूरा होता जा रहा है, रणबीर, रणवीर और आयुष्मान की तिकड़ी अपनी अदाकारी और अपनी फिल्मों की कहानियों के बूते एक नई तिकड़ी की शक्ल लेने लगी है।

तीनों का पूरा ज़ोर इसी बात पर है कि उनका किरदार परदे पर सुपरस्टार नहीं बल्कि एक ऐसा इंसान दिखे जो आम आदमी के दर्द को परदे पर जीता हो। रणबीर और आयुष्मान इस कसौटी पर खरे उतर चुके हैं, गली बॉय से रणवीर भी मंजिल की तरफ मजबूत कदम बढ़ाते दिख रहे हैं।


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वैलेटाइंस डे ये एक अलग तरह की प्रेम कहानी

दिल धड़कने दो और जिदगी ना मिलेगी दोबारा जैसी फिल्मों से अपनी निर्देशकीय समझ उजागर कर चुकी जोया अख्तर की ये दोनों फिल्में संभ्रांत वर्ग के संघर्ष की कहानी हैं। इस बार गली बॉय में जोया ने मुंबई की झोपड़पट्टियों से एक कहानी उठाई है। जहां अपने बेटे को ड्राइवर बनाकर एक बाप उसका भविष्य सेट करना चाहता है। एक लड़की है के लिए सबसे बड़ा सवाल है उसे खाना बनाना आता है कि नहीं जबकि वह लीवर ट्रांसप्लाट कर सकने वाली डॉक्टर बनना चाहती है। साथ में कल्कि केकलां भी हैं, एक बार फिर कहानी के कैटलिस्ट के तौर पर। गली बॉय का ट्रेलर दमदार है। इस वैलेटाइंस डे ये एक अलग तरह की प्रेम कहानी आती दिखती है।

हिंदी सिनेमा में शाहरुख-आमिर-सलमान की तिकड़ी की विदाई का वक्त जैसे जैसे पूरा होता जा रहा है, रणबीर, रणवीर और आयुष्मान की तिकड़ी अपनी अदाकारी और अपनी फिल्मों की कहानियों के बूते एक नई तिकड़ी की शक्ल लेने लगी है। तीनों का पूरा ज़ोर इसी बात पर है कि उनका किरदार परदे पर सुपरस्टार नहीं बल्कि एक ऐसा इंसान दिखे जो आम आदमी के दर्द को परदे पर जीता हो। रणबीर और आयुष्मान इस कसौटी पर खरे उतर चुके हैं, गली बॉय से रणवीर भी मंजिल की तरफ मजबूत कदम बढ़ाते दिख रहे हैं।

दिल धड़कने दो और जिदगी ना मिलेगी दोबारा जैसी फिल्मों से अपनी निर्देशकीय समझ उजागर कर चुकी जोया अख्तर की ये दोनों फिल्में संभ्रांत वर्ग के संघर्ष की कहानी हैं। इस बार गली बॉय में जोया ने मुंबई की झोपड़पट्टियों से एक कहानी उठाई है। जहां अपने बेटे को ड्राइवर बनाकर एक बाप उसका भविष्य सेट करना चाहता है। एक लड़की है के लिए सबसे बड़ा सवाल है उसे खाना बनाना आता है कि नहीं जबकि वह लीवर ट्रांसप्लाट कर सकने वाली डॉक्टर बनना चाहती है। साथ में कल्कि केकलां भी हैं, एक बार फिर कहानी के कैटलिस्ट के तौर पर। गली बॉय का ट्रेलर दमदार है। इस वैलेटाइंस डे ये एक अलग तरह की प्रेम कहानी आती दिखती है।
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