दो घंटे से कुछ ही कम अवधि की इस फिल्म को निर्देशक ट्रैविस नाइट ने शुरू से आखिर तक इंसानी जज्बात के दायरे में बांधे रखा है। यही वह सबसे अहम बात थी जो ट्रॉन्सफॉर्मस सीरीज से गायब होती जा रही थी। नाइट ने सीरीज की कमजोर कड़ी समझी और इसे न सिर्फ दूर किया बल्कि एक मैकेनिकल कहानी को पूरी तरह से इमोशनल बॉन्डिंग में तब्दील कर दिया।
यहां आपको दिमाग घर पर छोड़कर आने की जरूरत नहीं है। बंबलबी का अकेले ही चार्ली की घर में चहलकदमी करने वाला सीन हो या फिर चार्ली और बंबलबी के साथ के सीन, ट्रेविस नाइट ने हर बार कमाल का काम किया है। नाइन ने अपनी पिछली फिल्मों कूबो और टू स्ट्रिंग्स का अनुभव भी स्पेशल इफेक्ट्स से भरपूर बंबली भी बखूबी इस्तेमाल करने में कामबायी पाई है।
अदाकारी के लिहाज चार्ली का किरदार कर रहीं हैली स्टैनफील्ड फिल्म की जान हैं। एक टूटे हुए परिवार में बड़ी हुई किशोरवय युवती के रूप में हैली ने अपने भीतर के अवसाद, आजादी की चाहत और दोस्ती की दिक्कतों को पदे पर जीवंत किया है। फिल्म में जॉन सीना भी हैं। भारत में उनके लाखों प्रशंसक हैं और इस लिहाज से बंबलबी के लिए वह काफी मददगार साबित हुए हैं।
पिछले साल के आखिर में अगर आप जीरो के स्पेशल इफेक्ट्स के बीच झूलती लचर कहानी या फिर तूफानी स्टंट्स के बीच रणवीर सिंह की औसत से थोड़ी बेहतर फिल्म सिम्बा के जरिए मनोरंजन से चूक गए हों तो बंबलबी आपके लिए फुल फैमिली एंटरटेनर है। अमर उजाला डॉट कॉम के रिव्यू में बंबल बी को मिलते हैं तीन स्टार।