फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bioscope S2: दिव्या और रवीना के बीच इन तीन हीरोइनों को भी मिला ‘मोहरा’ का ऑफर, डैनी को भाया ये रोल

विज्ञापन
1 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
हिंदी सिनेमा में बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के आकर हीरो नंबर वन की कुर्सी पर जा बैठने वाले गिनती के सितारों में अक्षय कुमार भी शामिल हैं। अक्षय जब हिंदी सिनेमा में जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, फिल्म इंडस्ट्री का पूरा सपोर्ट शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान को मिल रहा था। अक्षय ने इसी को देखते हुए दो हीरो वाले प्रोजेक्ट्स करने शुरू किए। करियर के तीसरे ही साल यानी साल 1993 में अक्षय की पहली डबल हीरो वाली फिल्म रिलीज हुई ‘वक्त हमारा है’। फिल्म के निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने इसका जबर्दस्त प्रचार पूरे देश में किया। सुनील शेट्टी को लेकर वह तमाम अलग अलग शहरों में भी घूमे। फिल्म हिट रही और अक्षय कुमार व सुनील शेट्टी की जोड़ी की खूब डिमांड होने लगी। साल 1994 में अक्षय की सैफ अली खान के साथ ‘ये दिल्लगी’ और ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, सुनील शेट्टी के साथ ‘मोहरा’ और ‘हम हैं बेमिसाल’, संजय दत्त के साथ ‘अमानत’ और अजय देवगन के साथ फिल्म ‘सुहाग’ रिलीज हुईं।

ये साल अक्षय के करियर का टर्निंग प्वाइंट कहा जा सकता है। तब से लेकर आज तक अक्षय फिल्म इंडस्ट्री के चोटी के सितारों में बने हुए हैं। उनके साथ के खान सितारे जहां अपनी जगह बनाने रखने के लिए हिंदी सिनेमा में जद्दोजहद कर रहे हैं, वह बड़े ही सुकून से देश के नंबर वन सेलेब्रिटी ब्रांड के तौर पर कामयाबी की सबसे ऊंची चोटी पर टिके हुए हैं। अक्षय और सुनील शेट्टी ने अपने करियर में करीब एक दर्जन फिल्मों में साथ काम किया है लेकिन दोनों की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मोहरा’ ही अब भी मानी जाती है।
विज्ञापन

2 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
ऐश्वर्या राय की होती पहली फिल्म
ये तो सब जानते हैं कि फिल्म ‘मोहरा’ में अक्षय की हीरोइन पहले तब की उभरती अदाकारा दिव्या भारती थीं और उन्होंने फिल्म के लिए हफ्ते भर के करीब शूटिंग भी की थी लेकिन क्या आपको पता है कि मिस वर्ल्ड 1994 को ये तमगा जीतने से पहले जो फिल्म ऑफर हुई थी वह फिल्म ‘मोहरा’ ही थी। ऐश्वर्या तब मिस वर्ल्ड की तैयारियों में लगी थीं तो फिल्म ‘मोहरा’ के निर्माता गुलशन राय उस समय की सुपरस्टार श्रीदेवी के पास भी ये फिल्म लेकर गए लेकिन उन्होंने भी इसके लिए मना कर दिया। इसके बाद फिल्म ‘मोहरा’ का जिक्र काजोल से भी हुआ। पर बात बनी नहीं। मनीषा कोइराला उन दिनों की उभरती हुई स्टार थीं और फिल्म ‘मोहरा’ उनके पास भी गई। मनीषा को फिल्म पसंद भी आई और इस फिल्म के लिए सैद्धांतिक रूप से वह सहमत भी थी लेकिन फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ में व्यस्त होने के कारण उनकी तारीखें आगे पीछे ह रही थीं और गुलशन राय को अपने बेटे की ये फिल्म तुरंत शुरू करनी थी। इसलिए दिव्या भारती के निधन के बाद फिल्म ‘मोहरा’ रवीना टंडन की झोली में आई।
विज्ञापन

3 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
हीरोइन को प्रोडक्ट बनाने का चलन
महिला किरदारों को उत्पाद की तरह पेश करने की शुरूआत वैसे तो तमाम फिल्मों से मानी जा सकती है, लेकिन एलानिया तौर पर फिल्म ‘मोहरा’ ही वह फिल्म है जिसने एक महिला को न सिर्फ ‘मस्त मस्त’ करार दिया बल्कि उसे ‘चीज’ यानी वस्तु माना। ये उन दिनों की बात है जब सोशल मीडिया नाम की चिड़िया का अस्तित्व नहीं था, नहीं तो नुसरत फतेह अली खान को बेहद पसंद आए इस गाने को लेकर फिल्म के निर्देशक राजीव राय और अभिनेता अक्षय कुमार की फजीहत होना तय था। दिलचस्प तथ्य यहां ये है कि नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली ‘दम मस्त मस्त दम मस्त’ को शाहरुख खान ने विदेश में एक शो में सुना और वहीं इसके राइट्स भी उन्होंने खरीद लिए। इस धुन पर वह अपनी फिल्म के लिए एक गाना भी बनाना शुरू कर चुके थे कि तब तक फिल्म ‘मोहरा’ रिलीज हो गई। शाहरुख खान और अक्षय कुमार में उन दिनों खूब तनातनी चला करती थी। अक्षय कुमार उन दिनों नेपोटिज्म के खिलाफ भी बोला करते थे और यहां तक कि अपनी एक फिल्म में नेपोटिज्म के खिलाफ झंडा बुलंद करते हुए उन्होंने एक गाना भी बनाया, ‘हम हैं सीधे सादे अक्षय..!’ रवीना टंडन का अपने करियर में दो ही अभिनेताओं पर क्रश रहा, एक अजय देवगन और दूसरे अक्षय कुमार। और अक्षय कुमार बिना ‘ट्यूनिंग’ हुए किसी कलाकार को प्रमोट अब भी नहीं करते। फिल्म ‘मोहरा’ के लिए इसके निर्देशक राजीव राय ने ‘मस्त मस्त’ गाने का एक फीमेल वर्जन भी तैयार किया था, लेकिन अक्षय की नजर इस पर टेढ़ी हुई तो ये पूरा का पूरा गाना फिल्म से बाहर हो गया। फिल्म ‘खलनायक’ का गाना ‘चोली के पीछे’ लिखने के बाद आनंद बक्षी ने ये एक और गाना ऐसा लिखा जो उनकी प्रतिष्ठा से मेल नहीं खाता था।

4 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
फिल्म ‘मोहरा’ की दूसरी हीरोइन
फिल्म ‘मोहरा’ में एक हीरोइन और हैं, पूनम झावर जिन्होंने सुनील शेट्टी की प्रेमिका का किरदार निभाया। पूनम झावर अब भी सिनेमा और टेलीविजन में सक्रिय हैं। बिग बॉस को लेकर उनकी इस साल खूब चर्चा भी है। अभिनेता अमर उपाध्याय के साथ उनकी इस बार के कपल स्पेशल ‘बिग बॉस’ में जोड़ी बनने का हल्ला मुंबई में काफी है। पूनम झावर पर ही फिल्म ‘मोहरा’ का सुपरहिट गाना ‘ना कजरे की धार, ना मोतियां का हार...’ फिल्माया गया था। ये गाना संगीतकार कल्याणजी आनंदजी के लिए कभी महान गायक मुकेश ने गाया था लेकिन तब ये किसी फिल्म में प्रयोग नहीं हो पाया। बाद में ये गाना विजु शाह के हाथ लगा तो उन्होंने इसका प्रयोग पंकज उधास की आवाज में फिल्म ‘मोहरा’ में कर लिया। वैसे इस रोल के लिए भी पूनम झावर से पहले अभिनेत्री दीप्ति भटनागर को मौका मिला था। लेकिन, पूनम झावर उन्हें दीप्ति से ज्यादा जगमग लगीं तो उन्होंने दीप्ति को इस रोल से हटाकर पूनम को ले लिया। उनका ये फैसला सौ फीसदी सही भी साबित हुआ।
विज्ञापन

5 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
अमिताभ और अनिल का इनकार
फिल्म ‘मोहरा’ की इस हीरोइन कथा के बाद आपको थोड़ा उन किस्सों के बारे में भी बता देते हैं जो इसके नायकों से जुड़े हैं। राजीव राय उन दिनों अपनी फिल्म ‘विश्वात्मा’ की कामयाबी में झूम रहे थे। ‘विश्वात्मा’ उनकी बॉक्स ऑफिस पर हैट्रिक फिल्म थी। राजीव ने अपने 20 साल से कम के सक्रिय करियर में सिर्फ पांच फिल्में बनाईं और पांचों फिल्में हिट रहीं। सौ फीसदी कामयाबी वाले हिंदी सिनेमा के वह कमाल के निर्देशक रहे हैं। अंडरवर्ल्ड के निशाने पर आने के बाद राजीव राय लंबे समय तक देश से दूर रहे। फिल्म ‘मोहरा’ से पहले राजीव राय जिस फिल्म पर काम कर रहे थे, उसमें वह अमिताभ बच्चन को हीरो के तौर पर लेना चाहते थे। अमिताभ बच्चन उन दिनों सुपरस्टारडम के उस दौर से गुजर रहे थे जिसमें उन्हें तगड़ी ठोकर लगने में ज्यादा दिन नहीं बचे थे। महीनों वह बच्चन साब के पीछे भागते रहे और बच्चन साब उन दिनों यश चोपड़ा बनने के ख्वाब देख रहे थे। राजीव राय से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होंने वह फिल्म ही बंद कर दी। इसके बाद वह एक फिल्म लेकर अनिल कपूर के पास गए। अनिल कपूर तो जैसे इसी दिन के इंतजार में बैठे थे। अपनी पहली फिल्म ‘युद्ध’ के बाद राजीव ने जैसे अनिल को भुला ही दिया था। इस बार वह अनिल के पास आए तो उन्होंने राजीव को अच्छे से सुनाया और फिल्म में काम करने से मना कर दिया। सुनील शेट्टी के साथ अक्षय की पहली फिल्म ‘वक्त हमारा है’ के सेट पर ही राजीव राय की मुलाकात अक्षय से हुई और वहीं से फिल्म ‘मोहरा’ की शुरूआत हुई। फिल्म ‘मोहरा’ के लिए सुनील शेट्टी और अक्षय कुमार को साइन करने की खबर अनिल कपूर तक पहुंची तो बताते हैं कि इसे लेकर उन्होंने कुछ टिप्पणी भी की थी जिसे अक्षय कुमार लंबे समय तक भूले नहीं।
विज्ञापन

6 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
हॉलीवुड फिल्म से प्रेरित कहानी
फिल्म ‘मोहरा’ कहने को तो इसके निर्देशक राजीव राय और शब्बीर बॉक्सवाला ने मिलकर लिखी है लेकिन ध्यान से देखें तो ये फिल्म हॉलीवुड फिल्म ‘डेथ विश 4’ से पूरी तरह प्रेरित नजर आती है। शब्बीर बॉक्सवाला ने ही ये कहानी एक दिन राजीव राय के पिता और फिल्म ‘मोहरा’ के निर्माता रहे गुलशन राय को सुनाई। ये उन दिनों की बात है जब हिंदी फिल्मों के राइटर्स हॉलीवुड फिल्मों की कहानियां उठाकर मुंबई के निर्माताओं को चेप दिया करते थे, जब तक बात खुलती तब तक फिल्म बनकर रिलीज भी हो जाती थी। फिल्म ‘मोहरा’ के बैकग्राउंड म्यूजिक पर भी हॉलीवुड का बहुत असर दिखता है। कई जगहों पर तो ये ‘टर्मिनेटर’ सीरीज की फिल्मों से हू ब हू उठाया गया भी दिखता है। कहानी अलग अलग हालात से आए दो युवाओं की है। एक पुलिस अफसर है और दूसरा अपराधी। शुरू में तो दोनों की जमती नहीं है लेकिन जब पता चलता है कि फिल्म में अब तक संत सरीखा दिखता रहा अखबार का मालिक ही असली विलेन है तो सारे पत्ते पलट जाते हैं। रिपोर्टर रोमा को लेकर भी दोनों के बीच गलतफहमी होती है। खाकी पहनकर बदमाशों के लिए काम करने वालों की पोल खुलती है और एक दुखद अंत के साथ कहानी अपने अंजाम तक पहुंचती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मोहरा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
चलते चलते...
राजीव राय की फिल्म ‘विश्वात्मा’ ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कमाई की थी। लेकिन वह फिल्म ‘मोहरा’ के कलाकारों से हमेशा यही कहते रहे कि उनकी पिछली फिल्म पिट गई है इसलिए वह इस पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं कर सकते। वह खुद भी मानते हैं कि ‘मोहरा’ उनके करियर की सबसे ज्यादा मुनाफे वाली फिल्म रही है। इसे राजीव ने अपनी दूसरी फिल्मों के मुकाबले बहुत ही कम बजट में बनाया था। फिल्म ‘मोहरा’ ने न सिर्फ अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी को फिल्म इंडस्ट्री का सुपरसितारा बना दिया बल्कि इस फिल्म ने ही नसीरुद्दीन शाह को बॉक्स ऑफिस का पसंदीदा विलेन भी बना दिया। डैनी की बड़ी इच्छा थी कि वह फिल्म ‘मोहरा’ में नसीर वाला रोल करें लेकिन राजीव राय ने इसके लिए हां नहीं की। हालांकि, राजीव उनके पास फिल्म के एक और महत्वपूर्ण किरदार का प्रस्ताव लेकर गए थे।

(‘बाइस्कोप’ कॉलम में प्रकाशित यह आलेख बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत संरक्षित हैं।)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें