काला पत्थर
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
चासनाला खदान हादसे को भुनाने की कोशिश
देश में जब भी कोई खदान हादसा होता है, ‘काला पत्थर’ का जिक्र जरूर आता है। कन्नड़ अभिनेता यश की फिल्म ‘केजीएफ’ में भी खदानों की ही पृष्ठभूमि है। दावा यही किया जाता है कि फिल्म ‘काला पत्थर’ धनबाद की चासनाला कोयला खदानों में 1975 में हुई दुर्घटना पर आधारित है जिसमें 350 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। लेकिन, फिल्म ‘काला पत्थर’ की आत्मा जोसेफ कोनराड के उपन्यास ‘लॉर्ड जिम’ के ज्यादा करीब है। हां, फिल्म का ट्रिगर प्वाइंट जरूर चासनाला खदान हादसा माना जा सकता है। फिल्म को हकीकत के करीब रखने के लिए यश चोपड़ा अपनी पूरी यूनिट के साथ झारखंड (तब बिहार) की गिद्दी खदानों मे शूटिंग करने पहुंचे थे। फिल्म की शूटिंग गिद्दी वॉशरी (कोयले की धुलाई वाली जगह) में हुई और फिल्म की यूनिट के मुख्य लोग यहीं के रेस्ट हाउस में रुके। बॉक्स ऑफिस पर अमिताभ बच्चन के हंगामे के बीच शत्रुघ्न सिन्हा भी तब तक ‘कालीचरण’, ‘विश्वनाथ’, ‘जानी दुश्मन’ और ‘हीरा मोती’ जैसी फिल्मों से सुपरस्टार बन चुके थे। अमिताभ बच्चन के सुपरस्टार बनने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा के साथ उनकी ये पहली फिल्म थी और दोनों के बीच पूरी फिल्म में कभी ट्यूनिंग नहीं बन पाई। हालांकि, दोनों इससे पहले फिल्म ‘परवाना’ में काम कर चुके थे।