एक करोड़ से ज्यादा बिके कैसेट
खैर, ‘आशिकी’ बनी, रिलीज हुई। रिलीज हुई तो सारे रिकॉर्ड एक तरफ और आशिकी के बनाए रिकॉर्ड एक तरफ। फिल्म के गानों के कैसेटों की बिक्री जैसे जैसे आगे बढ़ती जाती। टी सीरीज इसे लेकर विज्ञापन निकालती जाती। फिर एक वक्त ऐसा भी आया कि इन कैसेट की बिक्री की तादाद एक करोड़ से ऊपर निकल गई। इसके बाद टी सीरीज ने भी इनकी गिनती के बारे में विज्ञापन बनाने बंद कर दिए। तब ‘आशिकी’ का संगीत टी सीरीज का नहीं देश का संगीत हो चुका था। ये उन दिनों की बात है जब तक नदीम श्रवण का गुलशन कुमार से पंगा नहीं हुआ था। दोनों टी सीरीज के लिए लगातार काम भी कर रहे थे। फिल्म ने अगले साल फिल्मफेयर अवार्ड्स में भी तहलका मचाया। बेस्ट म्यूजिक, बेस्ट लिरिसिस्ट, बेस्ट प्लेबैक सिंगर- मेल, बेस्ट प्लेबैक सिंगर – फीमेल, यानी फिल्म संगीत से जुड़ी चारों कैटेगरी के पुरस्कार फिल्म ‘आशिकी’ ने जीत लिए। ये पुरस्कार क्रमश: मिले, नदीम-श्रवण, समीर, कुमार शानू और अनुराधा पौडवाल को। फिल्म ‘आशिकी’ के लिए कुल 12 गाने गुलशन कुमार ने निकालकर एक तरफ रखे थे। हालांकि, इनमें से फिल्म में प्रयोग नौ ही हुए। इनमें से एक गाना उदित नारायण ने और एक गाना नितिन मुकेश ने भी गाया। नितिन मुकेश का नाम फिल्म के एंड क्रेडिट्स में गायक के तौर पर आता है हालांकि उनका गाया गाना फिल्म में नहीं है। नदीम श्रवण उन दिनों पाकिस्तान के गानों से काफी प्रभावित हुआ करते थे, इस फिल्म के एक दो गानों में भी इसकी झलक मिलती है। फिल्म के गानों के रीमिक्स भी बने हैं। वैसे तो टी सीरीज ने अपने तमाम गानों के बहुत ही खराब रीमिक्स बनाए हैं, लेकिन फिल्म ‘आशिकी’ के एक गाने का ये रीमिक्स लोगों का काफी पसंद आया था।