श्वेता त्रिपाठी
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भावनात्मक कहानियों को कहने में रुचि रखती हैं श्वेता
अभिनेत्री ने अपनी बातचीत में आगे कहा, वह इस बात से खुश हैं कि महिलाओं की इच्छा से जुड़े किरदार और विषय सामने आ रहे हैं। अभिनेत्री ने कहा, "मुझे यह पसंद है कि 'मसान' और 'मिर्जापुर' जैसी फिल्में हैं, जहां यह महिला की इच्छा के बारे में है... बीना त्रिपाठी ('मिर्जापुर' में रसिका दुगल) या देवी ('मसान' में ऋचा चड्ढा) जैसे किरदार होना जरूरी है, क्योंकि हम एक बहुत ही प्रगतिशील भूमि और संस्कृति से ताल्लुक रखते हैं। अगर हम अपने पंख काटते रहेंगे, तो यह हर पहलू और हर क्षेत्र में होगा।"
वहीं, अभिनेत्री ने सिनेमा में अपने काम को लेकर कहा, "मुझे लगता है कि मैं कहानी कहने के आनंद का पीछा कर रही हूं, ऐसी कहानियां जो भावनाओं के स्तर को ऊपर उठाती हैं। ताकि जब लोग मेरी कहानी या मेरा किरदार देखें, तो उन्हें कुछ महसूस हो। डैड और मॉम की वजह से, मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हूं, जो लोगों को प्रभावित करें या उन्हें असहज करे।"