ग्यारह ग्यारह की टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस बारे में राघव जुयाल कहते हैं, "मैंने अब तक जितने भी शो किए हैं यह उनसे बिल्कुल अलग है, और मैं चाहता हूँ कि दर्शक जल्द-से-जल्द इसका आनंद लें। डेविड ससून लाइब्रेरी में क्लॉक टॉवर कार्यक्रम सच में बेहद शानदार था। हमने अत्याधुनिक तकनीक के जरिये अपनी कहानी को इस ऐतिहासिक इमारत पर जीवंत होते देखा।” वहीं, कृतिका कामरा कहती हैं, "सच कहूं तो अब मुझे भी 11:11 के जादू पर यकीन होने लगा है! डेविड ससून लाइब्रेरी के क्लॉक टॉवर पर थ्रीडी प्रोजेक्शन हम सभी के लिए गौरव का लम्हा था। थ्रीडी प्रोजेक्शन, लाइट्स, साउंड और ड्रामा के ज़रिये 'ग्यारह ग्यारह' के जादू को जीवंत होते देखने का अनुभव बड़ा रोमांचक था। इसकी शुरुआत बड़ी शानदार हुई।"