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Farhan Akhtar: माता-पिता के तलाक के बाद गुस्सैल व्यक्ति बन गए थे फरहान, बहन जोया ने अभिनेता को इस दुख से बचाया

Sat, 21 Sep 2024 10:59 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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फरहान अख्तर - फोटो : इंस्टाग्राम
फरहान अख्तर न केवल एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं, बल्कि एक प्रतिभाशाली निर्देशक भी हैं, जिन्होंने बॉलीवुड की कुछ क्लासिक फिल्में बनाई हैं। आज भले ही उन्हें सबसे सफल अभिनेता-निर्देशकों में से एक माना जाता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब अभिनेता माता-पिता के अलग होने से वह पूरी तरह से गुस्सैल व्यक्ति बन गए थे। आइए जानते हैं कि अभिनेता के साथ ऐसा क्यों हुआ था।
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फरहान अख्तर - फोटो : इंस्टाग्राम @faroutakhtar
हाल ही में, रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट में फरहान अख्तर ने अपने माता-पिता के अलगाव का उन पर पड़ने वाले असर के बारे में बताया। अभिनेता ने बताया कि उस समय सारी चीजों को एक्सेप्ट करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं थी। अभिनेता ने कहा,  "मेरे लिए यह वो पल था, जिसने चीजों के बारे में मेरा पूरा नजरिया बदल दिया, वह शायद मेरे माता-पिता का अलगाव है। तब तक, मुझे ऐसा लगता था कि सब कुछ ठीक है। और मुझे लगता है कि इसने मुझे अपने में और ज्यादा सिमटने पर मजबूर कर दिया क्योंकि छोटा होने के कारण मुझे सच में नहीं पता था कि क्या हो रहा है।"
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फरहान अख्तर - फोटो : इंस्टाग्राम @faroutakhtar
जोया इस बारे में बहुत अधिक जागरूक थी कि क्या हो रहा था और मुझे लगता है कि किसी तरह से बड़ी होने के नाते उन्होंने मुझे उस तरह के दुख से बचाया, जो उस समय मेरी मां झेल रही थीं। मुझे लगता है कि एक लड़की के रूप में मेरी मां उनसे बात करने में अधिक सहज थीं। जोया हमेशा अपनी उम्र से बड़ी और समझदार रही है। वह बहुत तेजी से बड़ी हो गई।

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फरहान अख्तर - फोटो : इंस्टाग्राम @faroutakhtar
फरहना ने आगे बताया कि मैं बस अपनी ही दुनिया में था। इस बात से अनजान कि क्या हो रहा है। अपने माता-पिता के अलग होने के बाद हुए मनोवैज्ञानिक बदलावों के बारे में बात करते हुए फरहान ने खुलासा किया, "मुझे लगता है कि अपने माता-पिता के अलग होने के बाद मैं बहुत रक्षात्मक हो गया था, क्योंकि जब हमारे बीच झगड़े होते थे तो बच्चे बहुत मासूम होते थे और बच्चों के पास वह फिल्टर नहीं होता इसलिए वे कुछ भी ऐसा कहते हैं, जिससे दूसरे बच्चे को ठेस पहुंच सकती है।"
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फरहान अख्तर - फोटो : इंस्टाग्राम
बचपन के के बारे में बताते हुए फरहान ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती कि वे किसी को कितना मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुझे लगता है कि यही वह हिस्सा है जिसने मुझे गुस्सा दिलाया- 'मुझे यह क्यों सुनना है?

 
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