अमिताभ बच्चन के साथ पहलाज निहलानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दरअसल, जब फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के चेयरमैन थे तो उनके कार्यकाल में 19 अप्रैल 2017 को एक विवादास्पद आदेश पारित हुआ इस आदेश में कहा गया था कि हिंदी में डब होकर रिलीज होने वाली सारी फिल्मों को सेंसर सर्टिफिकेट अब सिर्फ मुंबई स्थित सेंसर बोर्ड दफ्तर ही जारी करेगा। अभिनेता विशाल की शिकायत के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस बारे में एफआईआर दर्ज की और तब से सीबीआई की एक टीम सेंसर बोर्ड के मुंबई दफ्तर में डेरा डाले हुए हैं। जांच के दौरान ही ये सामने आया कि हिंदी में डब फिल्मों का बीते एक दशक में जिस तेजी से टीवी और सिनेमाघरों में कारोबार बढ़ा है, उसके चलते सेंसर बोर्ड के मुंबई दफ्तर प्रांगण में सक्रिय कुछ दलालों ने इसे कमाई का मोटा जरिया बना लिया है।