शेफाली शाह, विपुल अमृतलाल शाह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘आंखें’ फ्रेंचाइजी भी दर्शक विकसित होते देखना चाहते हैं, बतौर निर्देशक ऐसी एक फिल्म आप विकसित भी कर रहे थे, उसकी क्या प्रगति है?
आपके साथ ही मैं ये साझा कर रहा हूं। उसी श्रेणी की एक फिल्म पर मैं काम शुरू कर चुका हूं। ये एक बैंक डकैती की कहानी है। इसमें किरदार ऐसे ऐसे हैं कि दर्शकों को हर बार एक नया सरप्राइज मिलेगा। ‘दिल्ली क्राइम’, ‘जलसा’, ‘डार्लिंग्स’ और ‘थ्री ऑफ अस’ देखने वाले दर्शक मुझे लगातार शेफाली (शाह) जी के साथ फिल्म बनाने के लिए पूछते रहे हैं। ये फिल्म मैं उन्हीं के साथ बना रहा हूं। फिल्म की कहानी बहुत ही रोमांचक है और दर्शक इसमें ‘आंखें’ की तरह ही अंत तक सीट से चिपके रहेंगे।