फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dhvani Bhanushali: सितारों का पता नहीं, मैंने दिलों में जगह बनाई है, मैं जो कुछ भी हूं अपनी मां की वजह से हूं

विज्ञापन
1 of 8
ध्वनि भानुशाली - फोटो : अमर उजाला
सबसे कम उम्र में सबसे तेज 100 करोड़ यूट्यूब व्यूज पाने वाली गायिका ध्वनि भानुशाली ने इस शुक्रवार बतौर हीरोइन बड़े परदे पर दस्तक दी है। महिला सशक्तिकरण की बात करती उनकी फिल्म 'कहां शुरू कहां खतम' ने कम बजट की फिल्मों के कारोबार की एक नई राह भी खोली है। ध्वनि से ये खास बातचीत की 'अमर उजाला' के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल ने।
विज्ञापन

2 of 8
ध्वनि भानुशाली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
लोग आपको ‘’बिलियन बेबी कहकर बुलाते हैंसोलो आर्टिस्ट के तौर पर ये टाइटल कितनी बड़ी जिम्मेदारी वाली है?
मुझे लगता है कि युवा पीढ़ी को अपनी जिम्मेदारी का एहसास अब बहुत शुरू से हो जाता है। तमगों के पीछे हम नहीं भागते लेकिन, हमारी मेहनत को जब ऐसा कोई नाम या इनाम मिलता है तो सिर्फ एक कलाकार ही नहीं बल्कि उसे यहां तक लाने में जो भी लोग हमसफर रहे होते हैं, सबको इस बात पर नाज होता है। गायकी अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी है और ये सुर में रहे, ताल में रहे, इसके लिए लगातार रियाज करते रहने की ये सीख भी देती है। 
विज्ञापन

3 of 8
ध्वनि भानुशाली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सोशल मीडिया और कॉलेज के युवाओं के बीच ध्वनि भानुशाली का नाम मॉडर्न डे पॉप आइकन के रूप मे लिया जाता हैइस कामयाबी में आपके परिवार का कितना बड़ा हाथ है?

मैं आज जो भी हूं, जहां भी अपनी मां रिंकू भानुशाली की वजह से हूं। वह मुझे हर क्लास, हर ट्रेनिंग पर लेकर जाती रहीं। मेरे साथ हरदम मौजूद रहीं। मैं अपने पूरे परिवार की एहसानमंद हूं कि उन्होंने मेरे हर फैसले में मेरा साथ दिया और ये भरोसा दिलाया कि मैं जो करना चाहती हूं वह कर सकती हूं, वे सब हरदम मेरे पीछे खड़े मिलेंगे।

4 of 8
मां रिंकू भानुशाली के साथ ध्वनि भानुशाली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

जब आपने गायिका बनने का फैसला किया तो घरवालों की प्रतिक्रिया क्या रहीऔर गायकी आपने कब से सीखनी शुरू की। कौन कौन लोग आपके गुरु रहे?

गायक बनने का मेरा फैसला किसी के लिए भी चौंकाने वाला इसलिए नहीं रहा क्योंकि मैंने दूसरे गायकों के गाने (कवर वर्जन) गाकर अपनी शुरुआत काफी पहले कर दी थी। फिर मैंने अपनी गुरु गीता जोशी जी से शास्त्रीय संगीत की बाकायदा शिक्षा प्राप्त की। उनके साथ अब भी मैं सीखने जाती हूं। कुछ और टीचर भी हैं जिनका साथ मुझे पश्चिमी संगीत सीखने में मिलता रहा है। 

 

विज्ञापन

5 of 8
कहां शुरू कहां खतम, ध्वनि भानुशाली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
प्लैबैक सिंगिंग का दौर आने से पहले हिंदी सिनेमा के तकरीबन सभी हीरो हीरोइन अपने गाने खुद गाते थेवो दौर आज होता तो कैसा होता?
ये दौर तो आज भी है। मुझे लगता है कि हर कलाकार एक संपूर्ण कलाकार बनना चाहता है। कुछ कुछ वैसा ही जैसे दिलजीत दोसांझ हैं। वह कमाल के गायक है और उतन ही बेमिसाल अभिनेता भी हैं। किशोर कुमार ने ये बहुत पहले करके दिखाया था। मुझे लगता है कि इंसान का दिल साफ हो तो वह किसी भी हुनर को अपने रियाज से हासिल कर सकता है। गायक और अभिनेता एक साथ होने वाली बात बहुत ही सुंदर बात है। मेरा भी सपना शुरू से एक संपूर्ण कलाकार बनने का ही रहा है। पहले मैंने गाना सीखा। फिर रंगमंच पर गई और वहां से अब फिल्मों में।
विज्ञापन

6 of 8
ध्वनि भानुशाली, सलमान खान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

आपकी पहली ‘कहां शुरू कहां खतम’ रिलीज हो चुकी है। फिल्म ने पहले दिन एक करोड़ से ऊपर की कमाई करके दिग्गज सितारों के बीच अपनी जगह भी बनाई हैअब आगे की क्या तैयारी है?

हमें तो यकीन ही नहीं था कि इतने छोटे बजट की फिल्म पहले ही दिन इतनी अच्छी कमाई करेगी। लेकिन, दर्शकों ने फिल्म को जो प्यार दिया, उसके लिए मै और हमारी पूरी टीम दर्शकों की शुक्रगुजार है। मैंने सितारों के बीच जगह बनाई या नहीं, ये तो पता नहीं लेकिन हां, मुझे इस बात का पक्का भरोसा है कि मैंने दर्शकों के दिलों मे जगह बना ली है।

विज्ञापन

7 of 8
ध्वनि भानुशाली, कहां शुरू कहां खतम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

लक्ष्मण उतेकर आपकी पहली फिल्म के निर्माता हैंउनकी कॉमेडी फिल्मों में सामाजिक संदेश भी रहते हैं‘कहां शुरू कहां खतम’ का संदेश क्या है?

लक्ष्मण सर की फिल्मों की अपनी एक अलग अंतर्धारा रहती है। वह हल्के फुल्के अंदाज में वैसे ही बड़ी बड़ी बातें समझा जाते हैं जैसे कभी ऋषिकेश मुखर्जी के सिनेमा में हुआ करता था। उन्होंने मुझे फिल्म ‘कहां शुरू कहां खतम’ की हीरोइन के रूप में देखा, इसके लिए मैं उनकी हमेशा एहसानमंद रहूंगी। इस फिल्म में हमने बस एक छोटी सी बात कही है और वह ये कि अगर बेटियों को हम आगे निकलते देखना चाहते हैं तो उन्हें अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण फैसले खुद करने की छूट मिलनी चाहिए।

विज्ञापन

8 of 8
ध्वनि भानुशाली अपने पिता विनोद भानुशाली के साथ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
औरआपके पिता विनोद भानुशाली का आपके अब तक के करियर में क्या योगदान रहा हैगिनती के ही निर्माता हुए हैं जिन्होंने अपनी बेटी को बतौर हीरोइन परदे पर लॉन्च किया हैइस बारे मे क्या कहना चाहती हैं?
मेरे पापा मेरे जीवन का आधार स्तंभ हैं। मैंने जब उनके सामने अपने जीवन का लक्ष्य रखा था तो उन्होंने दो मिनट भी नहीं लगाए सोचने में। उनके इस भरोसे से मेरा हौसला बना है। मैं जानती हूं कि और भी दूसरे पापा अपनी बेटियों के लिए सब कुछ करते होंगे, लेकिन मेरे पापा नंबर वन हैं और उन्होंने मेरे लिए जो किया है, वह मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा है।
50 Years Of International Crook: परदे पर साथ नजर आए जिगरी यार, दो साल अटकी रही थी धर्मेंद्र-फिरोज खान की फिल्म

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें