विवेक अग्निहोत्री
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विवेक अग्निहोत्री ने बुधवार सुबह एक्स पर लिखा, 'सेंसरशिप: किसी भी रचनात्मक अभिव्यक्ति को कभी भी सेंसर नहीं किया जाना चाहिए-यह मेरा निजी विचार है।' विवेक अग्निहोत्री ने जोड़ा, 'लेकिन अगर आप अभी भी सेंसरशिप पर जोर देते हैं, तो टीवी बहस, समाचार कार्यक्रम, राजनीतिक भाषण और धार्मिक उपदेशों से शुरुआत क्यों नहीं करते? ये अक्सर फर्जी समाचार, विभाजन, नफरत और हिंसा के वास्तविक स्रोत होते हैं।'