चार्ली चोपड़ा-विशाल भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पहले आप शेक्सपीयर के फैन बने, इन दिनों शायद आप अगाथा क्रिस्टी के फैन बन चुके हैं तो सस्पेंस की तरफ आपका रुझान कैसे हुआ?
सस्पेंस की तरफ रुझान सबका ही होता है। आप सफर में होते हैं तो जासूसी सिनेमा पढ़ते हैं। जासूसी नॉवेल पढ़ने में जो मजा आता था तो पूरा सफर कट जाता था। अब भी जासूसी फिल्में देखने में बहुत मजा आता है। आप देखिए सत्यजीत रे कितने बड़े फिल्ममेकर थे, और, सबको लगता था कितने सीरियस फिल्ममेकर हैं, पाथेर पांचाली जैसी फिल्में बनाईं। लेकिन, जो ‘सोनार किला’ उन्होंने बनाया है, उसको देखिए। या फिर उनका जो डिटेक्टिव है, फेलुदा। फिर, ब्योमकेश बख्शी भी उन्होंने किया। तो सस्पेंस तो फिल्ममेकर का सबसे फेवरेट जॉनर है।