फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vikrant Massey Interview: टीवी एक्टर को फिल्मवाले बहुत जलील करते हैं, अभिनेता विक्रांत मैसी ने कही दिल की बात

Sat, 21 Oct 2023 02:52 PM IST
ज्योति राघव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 6
विक्रांत मैसी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
छोटे पर्दे से निकल कर अभिनेता विक्रांत मैसी ने हिंदी फिल्मों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। विक्रांत मैसी का मानना है कि छोटे पर्दे के एक्टर को फिल्मों में गंभीरता से नहीं लिया जाता है। वह खुद को भाग्यशाली मानते कि हिंदी फिल्मों में उन्हें सिनेमा के दिग्गज निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिला है। विक्रांत मैसी की अगली फिल्म '12 वी फेल' 27 अक्तूबर को रिलीज हो रही है। विक्रांत मैसी ने ‘अमर उजाला’ से ये खास बातचीत की।
विज्ञापन

2 of 6
लुटेरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'लुटेरा' आपकी पहली फिल्म है, छोटे परदे से बड़े परदे की छलांग कैसी रही?
टीवी इंडस्ट्री से अचानक फिल्मों में आया तो मेरे लिए कैमरे से लेकर सब कुछ बड़ा था। टीवी शूटिंग के दौरान 50-60 लोगों की यूनिट होती थी और फिल्मों में एक साथ 200 लोग एक साथ सेट पर होते हैं। सब लोग फर्राटेदार अंग्रेजी में बात कर रहे होते थे और तब अंग्रेजी में मेरा हाथ काफी तंग था। टीवी एक्टर को फिल्मवाले बहुत जलील करते हैं। मैं यह नहीं कहता कि मेरे साथ वहां ऐसा हुआ, लेकिन आम तौर पर ऐसा होता है। लोग सोचते हैं कि लोखंडवाला (मुंबई के अंधेरी पश्चिम का एक इलाका, जहां संघर्षशील कलाकार रहते हैं) का एक्टर है, बॉडी बना कर घूमते रहते हैं, बस। मेरे लिए चुनौती ये थी कि खुद को साबित करना है। जो काम मिला है, उसे पूरी ईमानदारी के साथ बखूबी करना है।
विज्ञापन

3 of 6
विक्रांत मैसी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘लुटेरा’ में ब्रेक कैसे मिला?
कास्टिंग डायरेक्टर अतुल मोंगिया ने मुझे 'लुटेरा' के ऑडिशन के लिए बुलाया था। अतुल मोंगिया से मेरी सिफारिश निर्देशक अनुराग कश्यप ने की थी। वह मेरे जीवन का पहला फिल्म ऑडिशन था। लेकिन मैं रिजेक्ट हो गया था। जो एक्टर ये किरदार करने वाले थे उन्होंने शूटिंग से दो हफ्ते पहले ही मना कर दिया। तब मेरे पास कॉल आया और मैंने ये फिल्म की। यह भाग्य का ही खेल रहा। मैं अपने को काफी भाग्यशाली मनाता हूं कि मुझे फिल्मों में अच्छे निर्देशकों के साथ लगातार काम करने का मौका मिला।

4 of 6
छपाक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दीपिका पादुकोण की फिल्म 'छपाक' में काम करते हुए क्या सीखा आपने?
'छपाक' बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर आधरित फिल्म थी। इस फिल्म में मेघना गुलजार के निर्देशन में काम करने का मौका मिला। निर्देशन की कला उनको अपने पिता गुलजार साहब से उपहार में मिली है। दीपिका पादुकोण के साथ इस फिल्म में काम करने से पहले मेरे मन में ऐसी छवि थी कि वह बहुत बड़ी स्टार हैं। लेकिन जब आप करीब से देखते हैं, तो लगता कि कितनी मेहनत करते हैं ये कामयाब सितारे। इतनी आसानी से किसी को सफलता नहीं मिलती है। वह मेकअप मिलाकर 16-17 घंटे काम करती थीं। काम के प्रति उनका समर्पण देखने को मिला।
Vivek Oberoi: 'मैं कमिटमेंट करके नहीं छोड़ता', ऐश्वर्या से ब्रेकअप के वर्षों बाद विवेक ओबेरॉय का बड़ा बयान
विज्ञापन

5 of 6
राम प्रसाद की तेरहवीं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'राम प्रसाद की तेरहवीं' में आपने नसीरुद्दीन शाह के साथ काम किया है...
इससे पहले नसीर साहब के साथ मैंने एक शॉर्ट फिल्म 'हाफ फुल' की थी। वह तो अपने आप में एक्टिंग की एक संस्था है। शूटिंग के दौरान उनको दूर से देखते थे। जब वह डायरेक्टर से सीन के बारे में डिस्कस  करते थे, तो क्या डिस्कस कर रहे हैं, उसे ध्यान से सुनते थे। इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस फिल्म में सबसे छोटा मैं ही था। नसीर साहब के अलावा विनय पाठक, मनोज पाहवा, सुप्रिया पाठक जी के साथ काम करके एक एक्टर के तौर पर बहुत कुछ सीखने को मिला।  
The Intouchables: 'किल' के बाद करण जौहर-गुनीत मोंगा ने फिर मिलाया हाथ, इस फ्रेंच फिल्म का बना रहे हिंदी रीमेक
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
12वीं फेल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और फिल्म '12वीं फेल' के बारे में क्या कहना चाहेंगे ? 
फिल्म '12वीं फेल' सच्ची कहानी पर आधारित उन लाखों छात्रों के संघर्ष की फिल्म है, जो यूपीएससी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते है। फिल्म बताती है कि जिंदगी परीक्षा से कहीं ज्यादा है। यह फिल्म लोगों को असफलताओं के सामने हिम्मत न हारने और रीस्टार्ट करने के लिए प्रेरित करती है। इस  फिल्म में मैंने आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा की भूमिका निभाई है, जो चंबल से निकलकर यहां तक पहुंचे हैं। जीवन का यह सच है कि डिग्री नहीं, ज्ञान जरूरी है। यह फिल्म बहुत कुछ कहेगी। हारा वही, जो लड़ा नहीं। जिस दिन आपने पानी में हाथ पैर मारना छोड़ दिया, उस दिन डूब जाएंगे। निराश न हों, ईमानदारी से अपने रास्ते पर चलते रहे, रास्ता कहीं ना कहीं तो खत्म होगा ही।
obhita Dhulipala: शोभिता धुलिपाला ने अपने बॉलीवुड सफर को लेकर किया बड़ा खुलासा, बोलीं- जब मुंबई आई तो...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें