दामिनी
- फोटो : damini
फिल्म दामिनी देखा जाए तो एक तरह से कंटेंट ड्रिवेन सिनेमा की तरफ हिंदी सिनेमा की पहली ठोस शुरूआत उस दौर में हो रही थी, जिस दौर में डेविड धवन लाल दुपट्टे वाली को छेड़कर उसका नाम पूछने के लिए गोविंदा और चंकी पांडे को मैदान में उतार चुके थे। ऋषि कपूर को जमाने का बदलता चलन समझ आ रहा था और वह अपनी फिल्मों के साथ लगातार प्रयोग भी कर रहे थे। साल 1993 में ऋषि कपूर की चार फिल्में रिलीज हुईं। इनमें दामिनी के अलावा शामिल रहीं अनमोल, धरतीपुत्र और गुरुदेव। गुरुदेव के निर्देशक थे विनोद मेहरा। जी हां, अभिनेता विनोद मेहरा, जिन्होंने राजेश खन्ना वाले कंपटीशन में दूसरा स्थान पाया था। गुरुदेव की कहानी बहुत दिलचस्प है, इसे विस्तार से फिर कभी। अभी के लिए इतना जान लीजिए कि इस फिल्म को बनकर रिलीज होने में करीब 10 साल लग गए थे और ये रिलीज हो पाई थी विनोद मेहरा के निधन के बाद, निर्देशक राज सिप्पी की मदद से।