स्वरा भास्कर
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स्वरा के इस ट्वीट के जवाब में कंगना रनौत की टीम ने लिखा, 'आपमें से कोई भी भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग में पैदा नहीं हुआ था, गैंगस्टर्स माफियाओं और डांस इंडस्ट्री पर कब्जा कर लिया था। नारीवाद और समानांतर सिनेमा जागरण क्वीन 2014 के साथ हुआ था। अगर हम गलत हैं तो हमें सही करें, बताएं क्या हुआ था?'
इसके जवाब स्वरा भास्कर ने लिखा, 'कंगना जी और उनकी टीम 1955 में सत्यजीत रे की 'पाथेर पांचाली' को समानांतर सिनेमा का आगाज माना जाता है। उनके साथ मृणाल सेन और ऋत्विक घटक इस सिनमा के अभिभावक माने जाते हैं। 70 के दशक में न्यू वेव सिनमा आया (मणि कौल, कुमार शाहणी, सईद मिर्जा, श्याम बेनेगल, कुंदन शाह अन्य) साथ-साथ मध्य सिनेमा में साई परांजपे जी इत्यादि। फारुक शेख सर, दीप्ति नवल जी, अमोल पालेकर साहब यादगार चेहरे हैं। 2000 के बाद के बदलते बॉलीवुड सिनमा में मैं पीपली लाइव, भेजा फ्राई, खोसला का घोंसला को पैरेलल स्पेस में मानती हूं। क्वीन (2013) मेरे लिए मेन्स्ट्रीम फिल्म थी।'
एक और ट्वीट में स्वरा ने लिखा, 'तनु वेड्स मनु के साथ आपने, आनंद राय और हिमांशु शर्मा ने कॉमर्शियल मेनस्ट्रीम बॉलीवुड को एक नया रूप दिया। क्वीन समानांतर सिनेमा नहीं। रही बात फेमिनिस्ट फिल्मों की तो इंग्लिश विंगलिश (2012), क्वीन से पहले आई थी। श्रीदेवी जी और गौरी शिंदे को श्रेय मिलना चाहिए।'