महेन्द्र सिंह धोनी और सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : सोशल मीडिया
किरण मोरे बताते हैं कि सुशांत अंधेरी के हंसराज मोरारजी पब्लिक स्कूल ग्राउंड, चंद्रकांत पंडित एकेडमी और बीकेसी कॉम्पलेक्स ऑफ मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन में प्रैक्टिस करते थे। सुशांत को सात बजे सुबह प्रैक्टिस के लिए आना होता था। वो कभी भी देर नहीं होते थे। धोनी के बिजनेस पार्टनर और फिल्म के निर्माता अरूण पांडे इसे लेकर एक किस्सा सुनाते हैं कि कैसे सुशांत को इस भूमिका के लिए चुना गया था। धोनी की टीम ने कुछ नाम इस रोल के लिए छांटे हुए थे, उनमें सुशांत का भी नाम था। फिल्म काई पो चे में सुशांत ने क्रिकेट कोच की भूमिका निभाई थी। इसलिए ऐसा लगता था कि वो क्रिकेट खेल चुके थे। धोनी की भूमिका निभाने में भी उनकी दिलचस्पी थी। जब धोनी से पूछा गया कि उन्होंने काई पो चे देखी है तो उन्होंने बताया कि हां, उन्होंने सुशांत की एक्टिंग फिल्म में देखी है। इसलिए फिल्म का डायरेक्टर कौन होगा, इससे पहले यह तय हो गया था कि सुशांत ही धोनी की भूमिका निभाएंगे। जब फिल्म की तैयारी चल रही थी तब सुशांत लगातार धोनी के मैच देखा करते थे। वो होटल की लॉबी में बैठकर धोनी की शख्सियत को समझने की कोशिश किया करते थे। वो बारिकी के साथ धोनी के हर व्यवहार पर नजर रखते थे। वो अपने टीम के साथियों से कैसे बात करते हैं, वो अपने फैन से कैसे बात करते हैं और किसी अजनबी से कैसे मिलते हैं। उनका तौर-तरीका क्या है। उनके भाव कैसे हैं सबकुछ। क्रिकेट की दुनिया में धोनी को अपने फिटनेस के लिए जाना जाता है इसलिए सुशांत को ऐसे क्रिकेटर की भूमिका निभाने के लिए कड़ी मेहनत करनी थी।