सुप्रिया पाठक
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
60 साल की उम्र में आवाज की दुनिया में डेब्यू कर रही हैं आप, नई तकनीक के भी अपने नए ही आनंद हैं, क्या कहती हैं इस बारे में?
जी हां, बिल्कुल सही कह रहे हैं आप। बहुत रोमांच सा महसूस कर रही हूं। इस उम्र में आकर जब आपको बिल्कुल ही कुछ नया करने का मौका मिलता है तो एक नई शुरुआत के अपने ही मजे होते हैं। एफएम से भी लोग ऊब रहे हैं। वहां हर चीज का बहुत दोहराव है। रेडियो हमारे बचपन की यादों से जुड़ा है। हमारे लिए तो यही एक माध्यम था मनोरंजन का। कलाकारों के लिए आय का साधन भी था। मैंने भी तब कोशिश की थी लेकिन आकाशवाणी ने तब मेरी आवाज ही नकार दी। बाद में, मैंने ‘कलयुग’ से फिल्मी करियर शुरू किया तो उसके बाद मुझे आकाशवाणी से बुलावा आया लेकिन तब मैंने मना कर दिया था।